वर्ष 2025 में रिश्वत व भ्रष्टाचार के 18 मामले हुये ट्रैप। वाराणसी सेक्टर में एंटी करप्शन टीम ने की बड़ी कार्रवाई। जानें किन जिलों में हुई कितनी गिरफ्तारियां और भ्रष्टाचार की शिकायत कहाँ करें।

वाराणसी। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर धरातल पर दिखने लगा है। इसी क्रम में अपराध शाखा अपराध अनुसंधान विभाग (एंटी करप्शन ब्यूरो) के वाराणसी सेक्टर ने वर्ष 2025 का लेखा-जोखा साझा किया है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 2025 में रिश्वत व भ्रष्टाचार के 18 मामले हुये ट्रैप हैं, जो विभाग की सक्रियता को दर्शाता है।

जिलावार आंकड़ों का विवरण: वाराणसी रहा टॉप पर – पुलिस उपाधीक्षक रमेश यादव द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, वाराणसी सेक्टर के अंतर्गत आने वाले विभिन्न जिलों में टीम ने जाल बिछाकर भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को रंगे हाथ पकड़ा। वाराणसी: कुल 10 मामले ट्रैप किए गए। जौनपुर: कुल 04 मामले सामने आए। गाजीपुर: कुल 04 मामलों में कार्रवाई हुई। चंदौली: राहत की बात यह रही कि यहाँ से कोई भी मामला ट्रैप नहीं किया गया।

बताते चलें कि 2025 में रिश्वत व भ्रष्टाचार के 18 मामले हुये ट्रैप होने के अलावा, विभाग उन लोगों पर भी शिकंजा कस रहा है जो पहले पकड़े जा चुके हैं। वर्तमान में आय से अधिक संपत्ति (DA) से जुड़े 14 मामलों की गहन जांच की जा रही है। यह जांच उन आरोपियों के खिलाफ है जो पूर्व में रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किए गए थे।

“भ्रष्टाचार समाज के लिए एक कोढ़ है। पुलिस प्रशासन इसे जड़ से मिटाने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन इसके लिए आम जनता का जागरूक होना और निडर होकर शिकायत करना अनिवार्य है।”रमेश यादव, पुलिस उपाधीक्षक

पुलिस उपाधीक्षक ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी किसी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो डरे नहीं बल्कि तत्काल दिए गए नंबरों कंट्रोल रूम लखनऊ: 9454402484, पुलिस उपाधीक्षक: 9454405486, निरीक्षक: 9454401901 पर संपर्क करें। आपकी एक छोटी सी पहल समाज को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। वाराणसी एंटी करप्शन टीम ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ता की पहचान गुप्त रखी जाएगी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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