वाराणसी: शहर में अब अपनी बाइक से डिलीवरी या व्यावसायिक काम करने वाले लोगों के लिए एक नया नियम लागू होने जा रहा है। आरटीओ (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय) ने दो पहिया वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर सख्ती दिखाते हुए कमर्शियल परमिट अनिवार्य कर दिया है। अगले महीने से बिना परमिट वाले ऐसे वाहनों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

यह नियम उन सभी लोगों पर लागू होगा जो अपनी बाइक का इस्तेमाल दूध बेचने, सामान की होम डिलीवरी करने या किसी भी तरह के व्यावसायिक काम के लिए करते हैं। अभी तक सिर्फ बाइक टैक्सी चलाने वालों के पास ही कमर्शियल परमिट था, लेकिन अब यह नियम सभी के लिए है।

क्यों हो रही है यह कार्रवाई? आरटीओ विभाग का कहना है कि व्यावसायिक काम के लिए निजी वाहनों का इस्तेमाल करना कानूनी अपराध है। ज़्यादातर डिलीवरी बॉय, दूध विक्रेता और छोटे व्यापारी अपनी निजी बाइक का ही इस्तेमाल करते हैं, जो नियमों का उल्लंघन है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने अब कड़ा रुख अपनाया है।

आरटीओ ने ऑनलाइन शॉपिंग, कूरियर और फूड डिलीवरी जैसी कंपनियों को भी इस बारे में पत्र भेजा है। इन कंपनियों को कहा गया है कि वे अपने डिलीवरी बॉय से नियमों का पालन करवाएँ। एक अनुमान के मुताबिक, वाराणसी में इस समय 3,000 से ज़्यादा डिलीवरी बॉय काम करते हैं और ये सभी अपने निजी वाहनों का ही व्यावसायिक इस्तेमाल करते हैं।

क्या होगा अगला कदम? प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगले महीने से ऐसे वाहनों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया जाएगा। पकड़े जाने पर इन वाहनों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। यह नियम न सिर्फ कानूनी पहलू से जुड़ा है, बल्कि इससे सड़क सुरक्षा और वाहनों के सही पंजीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।

यह एक ऐसा कदम है जो शहर में परिवहन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने में मदद करेगा। अब सभी को अपनी बाइक का इस्तेमाल करने से पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि वे नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। यह खबर उन सभी लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो अपनी बाइक से व्यापार करते हैं।

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