वाराणसी: अक्सर सुना जाता है कि न्याय के लिए अदालत तक जाना पड़ता है, लेकिन जब खुद प्रशासन जनता के द्वार पर पहुँचे तो यह न्याय व्यवस्था में एक नया विश्वास जगाता है। इसी सोच के साथ वाराणसी में ‘न्यायालय चला आपके द्वार’ अभियान के तहत एसडीएम राजातालाब शांतनु कुमार सिनसिनवार ने एक अनोखी पहल की है। उन्होंने मंगलवार को खुद मौके पर जाकर कई गाँवों के जमीन संबंधी विवादों का निपटारा किया।

यह अभियान दर्शाता है कि प्रशासन सिर्फ कागजों में काम नहीं करता, बल्कि जनता की समस्याओं को करीब से समझकर उनका समाधान करता है। एसडीएम ने राजातालाब तहसील क्षेत्र के कई गाँवों का दौरा किया, जिनमें छतेरी, मानापुर, चौखंडी, हाथी, बरनी, डोमैला और मेहंदीगंज जैसे गाँव शामिल हैं।

रोहनिया चौराहे की जमीन का विवाद सुलझा इस अभियान के दौरान एक बड़ा मामला सामने आया। गोविंदपुर रोहनिया में, रोहनिया चौराहे के पास स्थित 3.65 एकड़ जमीन पर भीटा (यानी एक प्रकार की जमीन की पहचान) फिर से दर्ज किया गया। इस जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था, जिसे एसडीएम ने मौके पर ही सुलझाकर लोगों को राहत दी।

इसके अलावा, स्टाम्प देय के 4,51,735 रुपये की बकायादार अर्चना गुप्ता की संपत्ति की भी कुर्की की गई। यह कार्रवाई जगतपुर स्थित उनकी जमीन पर की गई। इस दौरान उपजिलाधिकारी राजातालाब द्वारा गठित टीम भी मौजूद थी, जिसमें नायब तहसीलदार और अमीन मनोज कुमार, विनय कुमार, अरशद, आकाश और नरेंद्र सिंह जैसे अधिकारी शामिल थे।

लोगों में जगा नया भरोसा ‘न्यायालय चला आपके द्वार’ अभियान के जरिए एसडीएम ने यह साबित कर दिया कि प्रशासनिक अधिकारी जनता के बीच जाकर उनकी परेशानियों को समझ सकते हैं। इस पहल से लोगों में प्रशासन के प्रति एक नया भरोसा जगा है। यह उम्मीद की जाती है कि ऐसे अभियान लगातार चलते रहेंगे, ताकि आम जनता को छोटे-मोटे विवादों के लिए अदालतों के चक्कर न लगाने पड़ें और न्याय उन्हें उनके द्वार पर ही मिल जाए।


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