वाराणसी: पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत, AHT (एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग) थाने की पुलिस ने एक सराहनीय काम किया है। 15 महीने की लंबी और अथक कोशिशों के बाद, पुलिस ने एक नाबालिग लड़की को सकुशल बरामद किया है और अपहरण के आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है।

यह मामला 19 मई 2024 का है। चौबेपुर थाने में एक पिता ने अपनी नाबालिग बेटी के अचानक लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस सूचना के आधार पर, थाना चौबेपुर में धारा 363 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। एक साल तक चौबेपुर पुलिस ने गुमशुदा की तलाश में हर संभव प्रयास किए, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद, पुलिस उपायुक्त के आदेश पर मामले की जांच AHT थाने को सौंप दी गई।

AHT थाने के प्रभारी निरीक्षक श्री सत्य प्रकाश और उनकी टीम ने इस चुनौती को स्वीकार किया। साइबर सेल की मदद से उन्होंने कई महीनों तक तकनीकी और मानवीय जानकारियों का गहन विश्लेषण किया। आखिरकार, उन्हें पता चला कि अपहृता और संदिग्ध आरोपी गुरुग्राम (हरियाणा) के बिनौला थाना क्षेत्र में हैं।

सूचना मिलते ही, AHT की टीम तुरंत गुरुग्राम के लिए रवाना हुई। वहां उन्होंने आरोपी रामकुमार (उम्र 27 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया और नाबालिग पीड़िता को सकुशल बरामद किया। आरोपी मैनपुरी का रहने वाला है।

गिरफ्तारी के बाद, आरोपी और पीड़िता को 23 अगस्त 2025 को वाराणसी लाया गया। पीड़िता के बयान के आधार पर, मामले में धारा 376(2n) भादवि और 5l/6, 5j(ii)/6 पॉक्सो एक्ट जैसी गंभीर धाराएं जोड़ी गई हैं। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

इस पूरे ऑपरेशन में AHT थाने की टीम के अलावा साइबर और सर्विलांस सेल का भी अहम योगदान रहा। पुलिस के इस प्रयास ने एक परिवार को उनका खोया हुआ सदस्य वापस दिला दिया है और अपराधियों को यह संदेश दिया है कि वे कानून की पकड़ से दूर नहीं भाग सकते।

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