लखनऊ: वाराणसी में अपनी बेहतरीन पुलिसिंग के लिए जाने जाने वाले आईपीएस अधिकारी सरवणन टी को उनकी शानदार कार्यशैली के लिए ‘शौर्य सम्मान’ से नवाजा गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें लखनऊ में आयोजित एक समारोह में उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्णा द्वारा प्रदान किया गया।
वर्तमान में वाराणसी में डीसीपी क्राइम/एडीसीपी काशी के पद पर तैनात सरवणन टी ने अपनी सेवा के दौरान कई बड़ी चुनौतियों का सामना किया और उन्हें बखूबी हल भी किया। उनके नेतृत्व में पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, जिसका नतीजा रहा कि 26 मुठभेड़ों के बाद संपत्ति अपराध, गौकशी और हत्या जैसे गंभीर अपराधों में शामिल 43 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
इन बड़े मामलों को किया गया हल:
- भेलूपुर हत्याकांड का खुलासा : उनके मार्गदर्शन में पुलिस ने भेलूपुर थाना क्षेत्र में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की हत्या जैसे जघन्य अपराध का सफल खुलासा किया।
- संकट मोचन महंत आवास चोरी : इस हाई-प्रोफाइल चोरी की घटना को महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया गया। पुलिस ने 6 अपराधियों को गिरफ्तार कर चोरी का पूरा माल बरामद किया।
- तेलुगू विभागाध्यक्ष पर हमला : इस मामले में 3 आरोपियों को पकड़ा गया और हमले के मास्टरमाइंड (पूर्व विभागाध्यक्ष) और उसके आंध्र प्रदेश के छात्र की साजिश का पर्दाफाश किया गया।
- फर्जी कॉल सेंटर्स का भंडाफोड़ : वाराणसी में चल रहे 2 फर्जी इन्वेस्टमेंट कॉल सेंटर्स का पर्दाफाश करते हुए 29 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
आईपीएस सरवणन टी का यह सम्मान, वाराणसी में अपराध पर लगाम लगाने के उनके प्रयासों को दर्शाता है। उनके साहस, जांच कौशल और नेतृत्व की डीजीपी ने भी सराहना की। उनका यह सम्मान पुलिस अधिकारियों के लिए एक प्रेरणा है कि कैसे समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा से कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सकता है।




