गाजीपुर: सांसद अफजाल अंसारी की बेटी नूरिया अंसारी के जहुराबाद विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की खबरें सियासी गलियारों में इन दिनों सुर्खियाँ बटोर रही हैं। यह चर्चा इसलिए भी खास है क्योंकि अगर ऐसा होता है, तो उनका सीधा मुकाबला सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर से होगा।

सियासी पंडितों का मानना है कि अगर समाजवादी पार्टी (सपा) या इंडिया गठबंधन नूरिया अंसारी को टिकट देता है, तो यह ओम प्रकाश राजभर के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकता है। जहुराबाद विधानसभा सीट पर अंसारी परिवार का खासा प्रभाव माना जाता है। इस सीट पर नूरिया अंसारी की उम्मीदवारी राजभर के लिए कड़ी चुनौती साबित हो सकती है।
पूर्व सांसद प्रत्याशी अतहर जमाल लारी जैसे कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नूरिया के मैदान में उतरने से ओम प्रकाश राजभर की जमानत भी जब्त हो सकती है। यह बात इसलिए भी कही जा रही है क्योंकि हाल के चुनावों में अंसारी परिवार का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है, जबकि ओम प्रकाश राजभर को भी अपने गढ़ में कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ा है।
स्थानीय जनता में भी इस खबर को लेकर काफी उत्साह है। जहुराबाद विधानसभा क्षेत्र के लोग नूरिया अंसारी की उम्मीदवारी को लेकर आशावान हैं। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि इस क्षेत्र में नूरिया के लिए माहौल अनुकूल है। अगर इंडिया गठबंधन इस पर गंभीरता से विचार करता है, तो यह 2027 के विधानसभा चुनाव में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।
फिलहाल, यह सिर्फ अटकलें हैं, लेकिन अगर यह सच साबित होता है तो जहुराबाद सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प हो जाएगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि ओम प्रकाश राजभर इस संभावित चुनौती का सामना कैसे करते हैं। क्या वह सीट बचाने के लिए पूरी ताकत लगाएंगे, या जैसा कि कुछ लोग कह रहे हैं, कोई सुरक्षित सीट तलाशेंगे?
जल्द ही पता चलेगा कि क्या यह सियासी चर्चा हकीकत में बदलती है।




