बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, चंद्रबली पटेल और संदीप यादव ने कोर्ट में दलीलें पेश कीं

वाराणसी: नवसंघ काली प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए बवाल के एक बड़े मामले में कोर्ट से एक अहम फैसला आया है। इस घटना में मारपीट, तोड़फोड़ और दंगा फैलाने की साजिश के आरोपों का सामना कर रहे नवसंघ समिति के महामंत्री अजय जायसवाल को जमानत मिल गई है। कोर्ट के इस फैसले ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है।

कोर्ट ने दी राहत, 25-25 हजार की जमानत पर रिहाई का आदेश – अपर सिविल जज (सी.डी. तृतीय)/एसीजेएम अजय प्रताप की अदालत ने अजय जायसवाल को 25-25 हजार रुपए की दो जमानतें और एक बांड (बंधपत्र) जमा करने पर रिहा करने का आदेश दिया। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं अनुज यादव, नरेश यादव, चंद्रबली पटेल और संदीप यादव ने कोर्ट में दमदार दलीलें पेश कीं, जिसके बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।

क्या था पूरा मामला? – यह घटना 10 नवंबर 2018 की है। दशाश्वमेध थाना प्रभारी बालकृष्ण शुक्ला ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि नवसंघ सांस्कृतिक समिति देवनाथपुरा के अध्यक्ष असित कुमार दास ने परंपरा से हटकर मूर्ति की लंबाई और चौड़ाई काफी बढ़ा दी थी, जिससे मूर्ति विसर्जन के समय गली से निकलने में परेशानी हो रही थी। जब मूर्ति को निकाला जा रहा था, तो वह क्षतिग्रस्त हो गई।

आरोप के अनुसार, इसी दौरान समिति के सदस्यों ने गली में स्थित अब्दुलवारी के मकान का चबूतरा बिना पूछे तोड़ दिया। जब अब्दुलवारी ने इसका विरोध किया, तो उन्हें गाली दी गई और धमकी भी मिली। इसके अलावा, आरोप यह भी था कि मदनपुरा जैसे मुस्लिम बहुल इलाके में दंगा भड़काने की कोशिश की गई और अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिससे सांप्रदायिक तनाव फैल सकता था।

इस घटना के कारण पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को 7 घंटे अतिरिक्त काम करना पड़ा और सरकारी काम में बाधा भी डाली गई। पुलिस ने असित कुमार दास, उनके भाई अभिजीत दास, अजय जायसवाल और अरूप भट्टाचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी थी। इसी मामले में अजय जायसवाल ने अपने वकीलों के जरिए जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी।

इस मामले में अजय जायसवाल को तो जमानत मिल गई है, लेकिन यह कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। अन्य आरोपियों का मामला अभी भी कोर्ट में चल रहा है। यह देखना बाकी है कि इस पूरे मामले में आगे और क्या मोड़ आते हैं। यह खबर शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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