वाराणसी: काशी की धरती पर कला का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। गुजरात ललित कला अकादमी के सहयोग से दो प्रसिद्ध छाया चित्रकार, प्रकाश लोखंडे और शैलेन्द्र गोसाईं, ने अपनी एकल चित्र प्रदर्शनियों ‘नारी’ और ‘चित्रायनम’ का आयोजन किया। यह खास आयोजन कृतिका फाउंडेशन एंड द आर्ट गैलरी के खंड अ और खंड ब में हुआ।
प्रदर्शनी का उद्घाटन काशी हिंदू विश्वविद्यालय की संकाय प्रमुख प्रोफेसर उत्तमा दीक्षित, बीएलडब्ल्यू महिला कल्याण संगठन की सदस्य श्रीमती प्रियंका प्रवीण, वरिष्ठ फोटोग्राफर सुरेश खैरे, वरिष्ठ चित्रकार राणा शेरू सिंह, और आईसीसीआर में पैनलिस्ट कल्चरल फेस्टिवल डायरेक्टर डॉ. शशिकांत नाग ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
प्रोफेसर उत्तमा दीक्षित ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि शैलेन्द्र गोसाईं की तस्वीरों में भारतीय नारी के सामान्य जीवन की सुंदरता को बखूबी दर्शाया गया है, जो एक उत्कृष्ट कलाकार की पहचान है। वहीं, प्रकाश लोखंडे के छायाचित्रों में मानव जीवन के अलग-अलग रूप दिखाई देते हैं, जिनमें वास्तुकला और सामाजिक गतिविधियां अपने सौंदर्य को पूरी तरह से उजागर करती हैं।

प्रसिद्ध छाया चित्रकार सुरेश खैरे ने कहा कि गुजरात के कलाकारों को काशी की पवित्र धरती पर प्रदर्शनी लगाने से मानो भगवान का आशीर्वाद मिला हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रदर्शनी से काशी के कला विद्यार्थियों को फोटोग्राफी और एडिटिंग के नए दृष्टिकोणों की जानकारी मिलेगी।
डॉ. शशिकांत नाग ने बताया कि भारत, “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को लेकर कौशल विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है, और इस लक्ष्य को प्राप्त करने में काशी का एक बड़ा योगदान है।
मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन चंद्र रामगुलाम के स्वागत के लिए कृतिका फाउंडेशन एंड द आर्ट गैलरी में गुजरात के प्रसिद्ध फोटोग्राफरों और चित्रकारों की एकल प्रदर्शनी 9 सितंबर से 17 सितंबर 2025 तक चलेगी। आज उद्घाटित हुई दो छायाचित्रों की प्रदर्शनी 11 सितंबर को समाप्त होगी।
इस अवसर पर काशी हिंदू विश्वविद्यालय के वरिष्ठ रिटायर्ड प्रोफेसर और कलाकार विजय सिंह, काशी के उद्योगपति श्याम कृष्ण अग्रवाल, उत्तर प्रदेश अपराध प्रतिरोध समिति के अध्यक्ष राजेश सिंह, संगीत विशेषज्ञ डॉ. प्रेम नारायण सिंह, और छाया चित्रकार विनय रावल व मनीष खत्री सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।




