वाराणसी: धोखाधड़ी कर चोरी करने वाले एक आरोपी को सिगरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से 4710 रुपये नकद भी बरामद किए हैं। यह गिरफ्तारी वाराणसी के आंध्रा पुल के पास से हुई।
क्या है पूरा मामला? – यह घटना 30 अगस्त 2025 की है। दिल्ली से वाराणसी आए एक फोटोग्राफर ने पुलिस को बताया कि उन्होंने एक वेबसाइट के जरिए ‘ऋषि’ नाम के शख्स से प्री-वेडिंग शूट के लिए संपर्क किया था। ऋषि ने उन्हें वाराणसी बुलाया। फोटोग्राफर रात करीब 11 बजे कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे।

ऋषि ने उन्हें फोन करके अपने भेजे हुए एक लड़के के साथ होटल आने को कहा और बाद में खाना खाने के लिए अपने घर बुलाया। जब फोटोग्राफर खाना खाने के लिए लंका स्थित ऋषि के घर ऑटो से जा रहे थे, तब ऋषि ने फोन उठाना बंद कर दिया। शक होने पर जब फोटोग्राफर जल्दी-जल्दी होटल वापस आए, तो पता चला कि ऋषि अपने एक साथी के साथ मिलकर उनके कमरे का ताला तोड़कर बैग में रखे महंगे कैमरे और लेंस चुराकर भाग गया है। इस घटना के बाद, थाना सिगरा में मामला दर्ज किया गया था।
कैसे हुई गिरफ्तारी? – जांच के दौरान, पुलिस ने आरोपी संजीत कुमार (उम्र 20 साल) को आंध्रा पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में संजीत ने बताया कि उसके दोस्त प्रियांशु और गौरव ने उसे मोतिहारी, बिहार से वाराणसी बुलाया था। उन्होंने बताया कि दिल्ली से कुछ लोग प्री-वेडिंग शूट के नाम पर आए हैं। प्रियांशु ने संजीत से कहा कि जब वह उन लोगों को खाने के बहाने बाहर बुलाएगा, तब संजीत और गौरव उनके कमरे से बैग लेकर निकल जाएं।
संजीत ने बताया कि बैग में महंगे कैमरे और लेंस थे, जिन्हें बेचकर उन्हें अच्छे पैसे मिलने थे। प्रियांशु ने उसे इस काम के लिए 10,000 रुपये नकद दिए थे। संजीत के मुताबिक, उसी रात करीब 11:30 बजे प्रियांशु ने उसे बैग दिया, जिसे लेकर वह होटल से बाहर निकल गया। अगले दिन उसने वह बैग प्रियांशु को दे दिया।
गिरफ्तारी के समय संजीत रोडवेज बस पकड़कर अपने घर जाने वाला था, जहां उसे बाकी पैसे मिलने थे। पुलिस ने उसे धर दबोचा और उसके पास से 4710 रुपये बरामद किए।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार मिश्रा, उप निरीक्षक प्रशांत कुमार बंधु, हेड कांस्टेबल राम समुझ यादव, कांस्टेबल नीरज कुमार मौर्या, कांस्टेबल गोविंद कुमार शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।




