अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, आनंद तिवारी पंकज, नरेश यादव और संदीप यादव ने पक्ष रखा।

वाराणसी। हाल ही में स्पा और रेस्टोरेंट की आड़ में चल रहे सेक्स रैकेट के मामले में पकड़े गए एक आरोपित संचालक को बड़ी राहत मिली है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट द्वितीय) नितिन पाण्डेय की अदालत ने आरोपित संचालक, जो कि रोहतास, बिहार का निवासी है, अनुराग सिंह को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने पर 50-50 हजार रुपये की दो जमानतें और एक बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया।

पुलिस की छापेमारी और गिरफ्तारी यह मामला तब सामने आया जब 4 अगस्त 2025 को डीसीपी क्राइम को एक गुप्त सूचना मिली। सूचना में बताया गया था कि चितईपुर थाना क्षेत्र के श्री राम कॉम्प्लेक्स और पिज्जा पाई बिल्डिंग में चल रहे दो स्पा सेंटरों में देह व्यापार का धंधा हो रहा है। इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए, डीसीपी के नेतृत्व में एसओजी 2.0 की टीम ने योजना बनाई।

टीम के सदस्य सादे कपड़ों में ग्राहक बनकर इन स्पा सेंटरों में गए। जब यह पूरी तरह से पुष्टि हो गई कि यहाँ सच में अनैतिक देह व्यापार चल रहा है, तो दो दर्जन पुलिसकर्मियों की टीम ने इन ठिकानों की घेराबंदी कर दी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने स्पा संचालक, कुछ ग्राहकों और कई युवतियों को पकड़ा। पुलिस को मौके से इस्तेमाल किए गए और सील किए हुए कंडोम भी मिले।

इस कार्रवाई में कुल 8 लड़कियां, 5 पुरुष ग्राहक और एक स्पा संचालक से जुड़ा व्यक्ति हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद इस मामले में आरोपित संचालक अनुराग सिंह का नाम सामने आया और उसे भी मुख्य आरोपितों में शामिल करते हुए चितईपुर थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

बचाव पक्ष की दलीलें अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, आनंद तिवारी पंकज, नरेश यादव और संदीप यादव ने मज़बूती से पक्ष रखा। उनकी दलीलों के बाद अदालत ने आरोपित संचालक को कुछ शर्तों के साथ जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

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