वाराणसी : कचहरी में मंगलवार को जो हुआ, उसने सबको चौंका दिया। एक पुलिसकर्मी, दरोगा मिथिलेश प्रजापति, अपनी ड्यूटी पर थे जब उन पर कुछ वकीलों के एक समूह ने हमला कर दिया। इस हमले में दरोगा बुरी तरह घायल हो गए और उनकी वर्दी भी फट गई। इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस कमिश्नर ने उठाया कदम घटना की खबर मिलते ही, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल खुद घायल दरोगा का हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों को निर्देश दिए कि दरोगा जी का इलाज सरकारी खर्च पर किया जाए और उन्हें बेहतर से बेहतर इलाज मिले। साथ ही, उनकी देखभाल के लिए तीन पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है।

क्या है इस हमले की जड़? – यह पूरा मामला एक जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है, जो बड़ागांव थाना क्षेत्र के पुआरी खुर्द गांव में चल रहा है। मोहित कुमार सिंह और प्रेमचंद्र मौर्या के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से झगड़ा है। दोनों पक्षों के बीच पहले भी कई बार झड़प हो चुकी है।

हाल ही में, 13 सितंबर को समाधान दिवस के दौरान, पुलिस दोनों पक्षों को समझाने गई थी, लेकिन बात नहीं बनी और दोनों आपस में भिड़ गए। इसी दौरान, यह आरोप लगाया गया कि दरोगा ने एक वकील को घायल कर दिया, जिसके बाद वकीलों में गुस्सा भड़क उठा।

मंगलवार को जब दरोगा मिथिलेश प्रजापति अपने एक साथी के साथ कचहरी पहुंचे, तो कुछ वकीलों ने उन पर हमला कर दिया।

प्रशासन की सख्त कार्रवाई इस घटना के बाद कचहरी में हड़कंप मच गया। तुरंत ही पुलिस बल को बुलाया गया। डीएम सत्येंद्र कुमार और डीआईजी शिवहरि मीणा जैसे कई बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने वकीलों से कोर्ट खाली करने की अपील की और इस घटना की कड़ी निंदा की।

पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज कर ली है। सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है, ताकि उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सके। फिलहाल, कचहरी परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। उम्मीद है कि इस मामले में जल्द ही न्याय होगा और दोषियों को सजा मिलेगी।

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