Gazipur News: अपराध और अपराधियों के खिलाफ जंग को और तेज करने के लिए पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) वाराणसी परिक्षेत्र, वैभव कृष्ण ने आज गाजीपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक की। पुलिस लाइन सभागार में आयोजित इस समीक्षा बैठक में गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. इरजा राजा के साथ-साथ सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में अपराध की स्थिति का जायजा लेना और पुलिस कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाना था। बैठक में कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई, जिनमें महिला सुरक्षा, लंबित मुकदमों की जांच में प्रगति, माल-मुकदमा का निपटारा, और जन शिकायतों का समाधान शामिल थे। इसके साथ ही, साइबर क्राइम और नए कानूनों जैसे ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ और ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत हो रही कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।

गाजीपुर पुलिस की बड़ी उपलब्धियां – बैठक के दौरान पुलिस ने साल 2025 में 1 जनवरी से 31 अगस्त तक की अपनी उपलब्धियों का लेखा-जोखा भी पेश किया, जो काफी प्रभावशाली रहा जिसमे गैंगस्टर एक्ट के तहत 14 मुकदमे दर्ज किए गए, जिसमें ₹3 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की गई। हत्या के 15 मामलों में 26 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। लूट के 5 मामलों में 8 आरोपी पकड़े गए। आईजीआरएस पर जन शिकायतों के निपटारे में गाजीपुर की रैंकिंग में सुधार हुआ है। जुलाई में 35वीं रैंक से अगस्त में यह 20वीं रैंक पर पहुंच गई है, लेकिन इसमें और सुधार की जरूरत है। साल 2025 में 24 हिस्ट्रीशीट खोली गईं और 120 गुंडा एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हुए। शराब तस्करों के खिलाफ 303 मुकदमे दर्ज कर 331 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
सख्त निर्देश और आगे की रणनीति – समीक्षा बैठक के बाद, डीआईजी वैभव कृष्ण ने गाजीपुर पुलिस को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराधियों और माफियाओं की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने जांच की गुणवत्ता बढ़ाने, माफियाओं की अवैध संपत्ति जब्त करने और अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी रखने पर जोर दिया।
डीआईजी ने ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत ज्यादा से ज्यादा जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने और ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत गंभीर मामलों में प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने थानों पर साफ-सफाई, अभिलेखों को अद्यतन रखने और पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर सुविधाओं पर भी जोर दिया।
इस बैठक से यह साफ हो गया है कि गाजीपुर पुलिस अब अपराधियों पर कोई नरमी नहीं बरतेगी और उन्हें कानून के दायरे में लाकर ही दम लेगी।




