varanasi news: शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो चुका है। यह पर्व शक्ति, साधना और आस्था का प्रतीक है। मां दुर्गा के नौ रूपों की उपासना के इस खास मौके पर महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश भर में ‘मिशन शक्ति फेज़-5.0’ अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत, वाराणसी के अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) श्री शिवहरी मीणा ने खुद मोर्चा संभाला और शहर में कई जगहों का दौरा किया।
उनके साथ पुलिस उपायुक्त प्रमोद कुमार, सहायक पुलिस आयुक्त नितिन तनेजा और अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। यह टीम जे.पी. मेहता इंटर कॉलेज से लेकर सनबीम वरुणा, जेल चौराहा, सब्जी मंडी, गिलट बाजार होते हुए काशीराम आवास और शिवपुर रेलवे क्रॉसिंग तक गई। इस दौरान उन्होंने संवेदनशील और भीड़-भाड़ वाली जगहों का खास तौर पर मुआयना किया।

अपर पुलिस आयुक्त मीणा ने बताया कि ‘मिशन शक्ति’ अभियान के तीन मुख्य उद्देश्य हैं: सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन।
1. सुरक्षा: स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक जगहों पर महिला हेल्प डेस्क सक्रिय कर दिए गए हैं। हेल्पलाइन नंबर जैसे 1090, 181, 112 और 1076 की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जा रही है। एंटी रोमियो स्क्वॉड और महिला बीट पुलिस नियमित गश्त कर रही हैं।
2. सम्मान: महिलाओं की गरिमा से जुड़े कार्यक्रम, जैसे नुक्कड़ नाटक और रैलियां निकाली जाएंगी। स्कूलों में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ और ‘नारी सशक्तिकरण’ पर निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताएं भी होंगी।
3. स्वावलंबन: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को ट्रेनिंग और लोन की सुविधा दी जाएगी। विभिन्न विभागों के साथ मिलकर रोजगार मेले और कौशल विकास कार्यशालाएं भी आयोजित होंगी।
पुलिसकर्मियों को दिए गए खास निर्देश – इस दौरान अपर पुलिस आयुक्त ने पुलिसकर्मियों को सख्त हिदायतें भी दीं। उन्होंने कहा कि त्योहारों में भीड़भाड़ बढ़ जाती है, इसलिए हर चौराहे, बाजार और धार्मिक स्थल पर नियमित गश्त की जाए। महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने और महिलाओं की मदद के लिए हमेशा तैयार रहने को कहा गया। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर भी नजर रखने का निर्देश दिया।
अपर पुलिस आयुक्त ने आम जनता से भी अपील की कि वे भी महिलाओं की सुरक्षा में सहयोग करें। उन्होंने कहा, “महिला सुरक्षा और सम्मान केवल सरकार या पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।” इस नवरात्रि में, हम सभी को मिलकर महिलाओं की गरिमा की रक्षा करनी चाहिए।




