प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में सूदखोरों का आतंक चरम पर
वाराणसी। शिक्षा और संस्कृति के इस शहर में अब सूदखोरों का खौफनाक आतंक पैर पसार रहा है। एक ऐसी कहानी सामने आई है जिसे सुनकर रूह कांप जाती है— एक शिक्षिका और उनके पति, सूदखोरों के ऐसे चंगुल में फंसे हैं कि उनका पूरा जीवन नरक बन गया है।
मामला – भेलूपुर थाना क्षेत्र के सोनारपुरा (फरीदपुर) की रहनेवाली कॉन्वेंट स्कूल की शिक्षिका पूर्णा भट्टाचार्या और उनके पति देवजीत भट्टाचार्या की यह दर्दनाक कहानी है। उन्होंने शहर के कुछ सूदखोरों से कुल 31 लाख रुपये का कर्ज लिया था।
आप कल्पना नहीं कर सकते! इस 31 लाख रुपये के बदले में सूदखोरों ने उनसे अब तक दो करोड़ चौवालिस लाख सतहत्तर हजार रुपये (₹2,44,77,000) की मोटी रकम वसूल ली है। इतनी बड़ी वसूली के बाद भी, ये दरिंदे अब 35 लाख रुपये और बकाया बता रहे हैं।

परिवार की जान खतरे में – आतंक का आलम यह है कि पूरा परिवार सदमे में है और डर के मारे घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। सूदखोर लगातार उनके मकान के आस-पास मंडराते रहते हैं।
पीड़ित परिवार ने पुलिस को बताया कि ये सूदखोर खुद को माफिया सरगना मुख्तार अंसारी और मुन्ना बजरंगी (दिवंगत) के गिरोह से जुड़ा होने का दावा करते हुए उन्हें धमका रहे हैं। धमकियां भी ऐसी-वैसी नहीं हैं— मकान हड़प लेने, बेटी का अपहरण कर लेने और जान से मार डालने की खुली धमकी।
कैसे फंसा परिवार? – शिक्षिका पूर्णा भट्टाचार्या ने पुलिस कमिश्नर को दिए अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके पति देवजीत भट्टाचार्या म्यूजिक एलबम बनाने का काम करते थे। साल 2019 के अंत में पैसों की जरूरत पड़ी, तब उनकी मुलाकात राधेश्याम मौर्या और उसके साथी धीरेंद्र कपूर उर्फ मुन्ना कपूर से हुई, जिन्होंने ‘साफ-सुथरा’ लेन-देन का भरोसा दिया। वहीं राधेश्याम मौर्या से 18 लाख रुपये लिए गए। मुन्ना कपूर से 13 लाख रुपये लिए गए। जिसकी कोई रसीद उन्हें नहीं दी गई।
वसूली का न खत्म होने वाला सिलसिला – कुछ ही दिनों में सूदखोरों ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया। डरा-धमकाकर वसूली शुरू हुई। जिसमे राधेश्याम मौर्या ने 18 लाख के बदले 2 करोड़ रुपये खाते से वसूल लिए। मुन्ना कपूर ने लगभग 44 लाख रुपये और राहुल विश्वकर्मा ने 15 लाख रुपये वसूले। वर्ष 2021 से 2025 के बीच 2 करोड़ 44 लाख 77 हजार रुपये का भुगतान बैंक खाते से और कुछ नकद किया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वसूली के दौरान मुन्ना कपूर ने 35 लाख रुपये बकाया बताकर धमकाना जारी रखा।
जमीन हड़पने और ब्लैकमेलिंग का खेल – सूदखोरों ने डरा-धमकाकर शिक्षिका के पति को जबरदस्ती उठाया और मकान का रजिस्टर्ड एग्रीमेन्ट मकसूद आलम के नाम करा लिया, जिसकी 4 लाख रुपये की राशि भी हड़प ली गई। इतना ही नहीं, पति से एक्सिस बैंक और पीएनबी के 12 सादे चेक और 14 सादे स्टाम्प पेपर पर भी जबरन हस्ताक्षर करा लिए गए, जिनका इस्तेमाल अब फंसाने की धमकी देने के लिए हो रहा है।

11 जून को तो गुप्तेश्वर तिवारी और राहुल विश्वकर्मा ने हद कर दी। घर में आकर गाली-गलौज और शिक्षिका के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की। गुप्तेश्वर तिवारी ने पिस्टल निकालकर धमकी दी कि अगर 35 लाख नहीं दिए तो पूरे परिवार को मारकर मकान कब्जा कर लेंगे।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा – पीड़ित परिवार की गुहार पर भेलूपुर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शिक्षिका पूर्णा भट्टाचार्या की तहरीर पर पांच सूदखोरों के खिलाफ साहूकारी अधिनियम, जबरन वसूली, महिला की मर्यादा भंग करने, हमले आदि की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
आरोपितों में राधेश्याम मौर्या (जवाहर नगर), धीरेंद्र कपूर उर्फ मुन्ना (सिद्धगिरीबाग), मकसूद आलम, राहुल विश्वकर्मा, गुप्तेश्वर तिवारी और उत्तम शामिल है। फिलहाल पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की गहन जांच में जुट गई है। इस परिवार ने पुलिस कमिश्नर से जान-माल की रक्षा और सूदखोरों के आतंक से मुक्ति दिलाने की गुहार लगाई है।
BM Breaking News की टीम आशा करती है कि पुलिस जल्द से जल्द इन आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करेगी और इस आतंकित परिवार को न्याय दिलाएगी।




