lucknow news: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में कई ज्वलंत मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार को आड़े हाथों लिया है। चाहे वह बरेली में ‘आई लव मोहम्मद’ मामले पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा हो या फिर GST सुधार की बात, सपा प्रमुख ने सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
बरेली लाठीचार्ज: ‘ताकत का इजहार कमजोरी की निशानी’ – बरेली में ‘आई लव मोहम्मद’ प्रकरण के बाद हुए उपद्रव पर पुलिस लाठीचार्ज को लेकर अखिलेश यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, ‘सरकार द्वारा ताकत का इजहार करना उसकी उसकी कमजोरी की निशानी होता है। सरकारें लाठीचार्ज से नहीं सौहार्द-सद्भाव से चलती हैं।’ उनका यह बयान सीधे तौर पर राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था और प्रशासन की अप्रोच पर सवाल उठाता है, जहां उन्होंने सद्भाव और शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दिया है।

GST का ‘गोलमाल’: कच्चा माल महंगा, तैयार माल पर दिखावटी छूट – ‘नेक्स्ट जेन जीएसटी रिफार्म’ को लेकर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर जनता को धोखा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने दिखाने के लिए तो तैयार सामान पर जीएसटी घटा दी, लेकिन असली खेल यह किया कि कच्चे माल पर जीएसटी बढ़ा दी, जिससे वह सामान बनता है।
सपा प्रमुख ने इसे ‘जीएसटी गोलमाल‘ बताते हुए कहा कि भाजपाई तो सड़कों पर 50 प्रतिशत कम करने के नारे लगाकर निकल गए, लेकिन जब जनता बाज़ार जा रही है तो उन्हें सस्ता माल नहीं मिल रहा और उन्हें दुकानदारों से झगड़ना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आठ साल पहले आधी रात को जीएसटी लगाकर जश्न मनाने वाली इस सरकार ने तभी से हर चीज़ को महंगा कर जनता से वसूली की है।
महंगाई: दाम बांधों नीति ही समाधान – महंगाई के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर भाजपा को दोषी ठहराया। उन्होंने सवाल किया कि जब वस्तुएं आठ साल बाद भी कम कीमत पर मिल सकती हैं, तो सरकार ने इन्हें महंगा क्यों किए रखा?
सपा प्रमुख ने स्पष्ट कहा कि जब तक मुनाफ़ा कम नहीं होगा, तब तक महंगाई कम नहीं होगी। उन्होंने महंगाई को नियंत्रित करने के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया की ‘दाम बांधों नीति’ का पुरज़ोर समर्थन किया और कहा कि सरकार को इसी रास्ते पर जाना होगा।

हार के डर से बैकफुट पर भाजपा? – अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव में प्रदेश में मिली हार और महंगाई से बढ़ते जनाक्रोश को देखकर भाजपा को ‘बैकफुट पर’ बताया, लेकिन साथ ही आरोप लगाया कि यह सरकार अभी भी धोखा दे रही है।
उन्होंने सरकार की विदेश नीति की असफलता पर भी निशाना साधा, जिससे देश के उद्योग-कारोबार को नुकसान हो रहा है। टैरिफ (Tariff) और बढ़ने पर कारोबार के भविष्य पर चिंता व्यक्त की। इसके अलावा, उन्होंने जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों को लेकर भी प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
कुल मिलाकर, अखिलेश यादव ने इन बयानों के ज़रिए सरकार पर लाठी के सहारे चलने, आर्थिक धोखा देने, और जनता को महंगाई की आग में झोंकने का आरोप लगाया है, जबकि खुद को सद्भाव और डॉ. लोहिया के आर्थिक सिद्धांतों का समर्थक बताया है।




