varanasi news: उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘मिशन शक्ति एक बार फिर ज़मीन पर अपनी पूरी ताक़त के साथ नज़र आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पहल को सफल बनाने के लिए, वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने अपने निर्धारित कार्ययोजना (कैलेंडर) के अनुसार फेज-5.0 के दूसरे चरण का सफलतापूर्वक संचालन किया है। यह सिर्फ़ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि बेटियों, माताओं और बच्चों के लिए सुरक्षा, सम्मान, और स्वावलंबन की एक बड़ी पहल है।

जन चौपालों से घर-घर संदेश – ‘मिशन शक्ति’ के तहत, बीट पुलिस अधिकारियों ने गाँवों, वार्डों और न्याय पंचायतों तक पहुँचकर भिन्न-भिन्न स्थानों पर जन चौपालें लगाईं। इन चौपालों में बालिकाओं, महिलाओं और बच्चों को सशक्तिकरण (Empowerment) के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से समझाया गया।

पुलिस ने बताया कि कैसे उन्हें विषम परिस्थितियों में ख़ुद की रक्षा करनी है और सरकार व पुलिस प्रशासन की ओर से मिलने वाली मदद का लाभ उठाना है। ख़ास तौर पर, इन हेल्पलाइन नंबरों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई : 1090 (वीमेन पावर लाइन), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 1076 (मुख्यमंत्री हेल्पलाइन), 1930 (साइबर क्राइम/फ़्रॉड), 100/112 (पुलिस आपातकालीन सेवा), 102 (एम्बुलेंस), 181 (महिला हेल्पलाइन)

इन चौपालों में उत्तर प्रदेश शासन और पुलिस के स्तर पर संचालित सभी योजनाओं और सुरक्षा प्रबंधों की जानकारी दी गई, ताकि हर नागरिक अपने अधिकारों और सुरक्षा चक्र को ठीक से समझ सके।

बीट पुलिस अधिकारियों की ज़मीनी कार्रवाई – ‘मिशन शक्ति’ (फेज-5.0) के द्वितीय चरण में वाराणसी कमिश्नरेट के 195 बीट पुलिस कर्मियों ने 75 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों में 4775 से अधिक महिलाओं/बालिकाओं को भारत सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा गया।

महिला बीट पुलिस अधिकारियों ने 2771 प्रचार-प्रसार सामग्री वितरित कर जागरूकता फैलाई। इस दौरान महिलाओं और बालिकाओं ने अपनी समस्याओं को लेकर 37 प्रार्थना-पत्र भी प्रस्तुत किए। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 03 मामलों में 126/135/170BNSS और 01 मामले में 129BNSS के तहत कार्रवाई करते हुए 03 मुक़दमे दर्ज़ किए।

एंटी रोमियो स्क्वाड की सक्रियता – महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एंटी रोमियो स्क्वाड भी पूरी तरह सक्रिय रही। स्क्वाड ने स्कूल, कॉलेज, पार्क और भीड़-भाड़ वाले 183 स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान 3118 व्यक्तियों को चेक किया गया और 1065 व्यक्तियों को सख्त चेतावनी दी गई। मनचलों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करते हुए 04 मुक़दमे दर्ज़ किए गए और 07 अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया गया।

यातायात नियमों का सख़्त पालन – सिर्फ़ महिला सुरक्षा ही नहीं, बल्कि क़ानून व्यवस्था और यातायात नियमों को भी दुरुस्त करने के लिए अभियान चलाया गया।

  • कमिश्नरेट पुलिस ने 166 स्थानों पर सघन चेकिंग करते हुए 780 वाहनों का चालान किया।
  • 40 वाहनों से काली फ़िल्म, 10 वाहनों से हूटर और 03 वाहनों से बत्ती हटवाई गई।
  • सबसे महत्वपूर्ण, 44 वाहनों से जाति सूचक या शासकीय शब्द हटाए गए, जो एक समाज में अनावश्यक भेद-भाव और रोब दिखाने की प्रवृति को हतोत्साहित करने के लिए बड़ा कदम है।
  • क़ानून का उल्लंघन करने वाले 05 वाहनों को सीज भी किया गया।

इसके अलावा, सड़कों पर स्टंटबाज़ी करने वालों के ख़िलाफ़ भी सख्त कार्रवाई की गई। 108 स्थानों पर चेकिंग के दौरान 44 वाहनों का चालान किया गया और 05 वाहनों को सीज किया गया।

यह पूरा अभियान दर्शाता है कि वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट महिलाओं, बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और क़ानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। ‘मिशन शक्ति’ सिर्फ़ एक कार्यक्रम नहीं है, यह सुरक्षित और सशक्त उत्तर प्रदेश के निर्माण की एक मज़बूत नींव है।

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