पटाखा फेंका, हाथ की उंगली फटी, जान से मारने की धमकी का आरोप

वाराणसी: दीपोत्सव के उत्साह में की गई एक गंभीर लापरवाही अब आपराधिक मोड़ ले चुकी है। जनपद के कोतवाली थाना क्षेत्र के कतुआपुरा इलाके में पटाखे जलाने को लेकर हुए विवाद में एक महिला के घायल होने और जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है।

पीड़िता साक्षी पाण्डेय की शिकायत पर कोतवाली थाने में तीन नामजद अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

पटाखा फेंका, हाथ की उंगली फटी

शिकायत के अनुसार, कतुआपुरा निवासी साक्षी पाण्डेय पुत्री प्रभुनाथ पाण्डेय ने बताया कि दिनांक 22/10/25 को शाम करीब 5 बजे वह अपने कमरे में लेटी हुई थीं। तभी आदित्य नारायण पाण्डेय पुत्र सूरज पाण्डेय ने उनके मकान में पटाखे फेंकना शुरू कर दिया। पटाखों की तेज़ आवाज़ सुनकर साक्षी की माँ वंदना पाण्डेय बाहर आईं।

जैसे ही वंदना पाण्डेय बाहर आईं, आदित्य नारायण पाण्डेय ने एक और पटाखा फेंका, जो सीधे उनके पास आ गिरा और फटने से वंदना पाण्डेय के दाहिने हाथ की उंगली फट गई।

जान से मारने की धमकी का आरोप

माँ के घायल होने पर जब साक्षी पाण्डेय ने शोर मचाया, तो बाहर बैठे दो अन्य नामजद अभियुक्तों सूरज पाण्डेय और प्रकाश पाण्डेय ने मिलकर उन्हें धमकी दी। दर्ज मुकदमे में पीड़िता ने आरोप लगाया है कि दोनों अभियुक्त ऊँची आवाज़ में बोल रहे थे कि “वंदना पाण्डेय को जान से मार डालेंगे।”

इस गंभीर घटना के बाद, पीड़िता साक्षी पाण्डेय की शिकायत पर थाना कोतवाली में मुअसं. 216/25 धारा 351 (3) और 118 बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। नामजद अभियुक्तों में आदित्य नारायण पाण्डेय, सूरज पाण्डेय और प्रकाश पाण्डेय शामिल हैं।

आगे की कार्रवाई जारी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, थाना कोतवाली पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया है और अभियुक्तों के खिलाफ अग्रिम कानूनी कार्रवाई कर रही है। पटाखे से चोट पहुंचाना और जान से मारने की धमकी देना, ये दोनों ही कृत्य कानून की नज़र में गंभीर अपराध हैं। यह मामला दिखाता है कि दीवाली जैसे पर्वों पर सुरक्षा और पड़ोसी धर्म का पालन कितना ज़रूरी है।

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