दालमंडी का बदलता चेहरा चौड़ीकरण ने पकड़ी रफ़्तार, व्यापारियों की पुनर्वास पर चिंता

स्थानीय दुकानदारों और व्यापारिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि विस्थापन के लिए उन्हें लोहता या मोहनसराय नहीं, बल्कि बेनियाबाग में ही पुनर्वास दिया जाए।

वाराणसी। बनारस की दालमंडी…सिर्फ एक बाज़ार नहीं, बल्कि शहर की धड़कन है। लेकिन अब, इस ऐतिहासिक गलियारे का चेहरा बदलने की तैयारी हो चुकी है। चौक से नई सड़क तक की महत्वपूर्ण सड़क को चौड़ा करने की महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत, प्रशासन ने अपनी कार्रवाई को अब तेज रफ़्तार दे दी है।

शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीम पुलिस बल के साथ दालमंडी क्षेत्र में पहुंची। इस दौरान चार महत्वपूर्ण भवनों की विस्तृत नापी की गई। प्रशासन की ओर से चौक से नई सड़क के पूरे मार्ग पर मुनादी कराकर यह जानकारी भी दी गई कि आने वाले दिनों में और सख्त कदम उठाए जाएंगे।

सत्तार मार्केट की 12 दुकानों पर नोटिस

अधिकारियों ने बताया कि सत्तार मार्केट से जुड़े रजिस्ट्री के सभी कागज़ी कार्य पूरे किए जा चुके हैं, और यहां स्थित कुल 12 दुकानों को खाली करने का नोटिस जारी किया गया है। इससे पहले, नई सड़क स्थित लंगड़ा हाफिज मस्जिद के पास मुख्तार खान और अन्नान खान उर्फ पप्पू नाटे के भवनों को भी चिह्नित करके उनकी नापी की जा चुकी है।

हालांकि, लगातार हो रही इन प्रशासनिक कार्रवाइयों के बावजूद, सुबह से देर रात तक दालमंडी में पुलिस की मौजूदगी बनी रही। यह एक तरह का भरोसा भी था कि कोई अप्रिय घटना न हो। इन सब के बीच, अच्छी बात यह रही कि बाज़ार में सामान्य दिनों की तरह ही खरीदारी चलती रही और ग्राहकों की भीड़ पर कोई खास असर नहीं पड़ा। दालमंडी की रौशनी फीकी नहीं पड़ी।

व्यापारी बोले: ‘हम बेनियाबाग जाएंगे, लोहता-मोहनसराय नहीं’

इस चौड़ीकरण का सबसे बड़ा असर स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों पर पड़ने वाला है। विस्थापन के डर के बीच, व्यापारिक संगठनों ने अब प्रशासन से एक भावुक अपील की है।

उनका कहना है कि उन्हें विस्थापन की स्थिति में बेनियाबाग में ही पुनर्वास की सुविधा दी जाए। व्यापारियों का साफ़ मत है कि प्रशासन द्वारा प्रस्तावित लोहता (Lohata) और मोहनसराय (Mohan Sarai) जैसी जगहें व्यावसायिक दृष्टिकोण से कतई उपयुक्त नहीं हैं।

“दालमंडी हमारी रोज़ी-रोटी है। लोहता और मोहनसराय में जाकर हमारा व्यापार खत्म हो जाएगा। हम प्रशासन के विकास कार्य का विरोध नहीं कर रहे, बस चाहते हैं कि हमें बेनियाबाग जैसी व्यावसायिक जगह पर ही बसाया जाए, ताकि हमारी दुकानदारी चल सके।”

यह मांग व्यापारियों की वास्तविक चिंता को दर्शाती है, जिसे प्रशासन को मानवीय नज़रिए से देखना होगा।

कितना चौड़ा होगा रास्ता? PWD का पूरा प्लान

PWD अधिकारियों के अनुसार, दालमंडी चौड़ीकरण योजना के तहत सड़क को कुल 10 मीटर (दोनों तरफ 5-5 मीटर) तक चौड़ा किया जाएगा। यह सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि एक सुनियोजित विकास होगा।

प्रस्तावित संरचना में यह सब शामिल है:

  • फुटपाथ: 6.4 मीटर चौड़ा (दोनों ओर 3.2-3.2 मीटर)।
  • केसी ड्रेन नाली: 1 मीटर चौड़ी (दोनों ओर आधा-आधा मीटर)।

इस प्रकार, कुल 17.4 मीटर क्षेत्र में विकास कार्य किया जाएगा। योजना यह भी है कि फुटपाथ के नीचे बिजली, पानी और अन्य जनसुविधाओं की लाइनों को भूमिगत (Underground) किया जाएगा। यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि भविष्य में किसी भी तरह के व्यवधान के बिना सुगम और तेज यातायात सुनिश्चित किया जा सके।

दालमंडी का यह विकास निश्चित रूप से शहर के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा, लेकिन प्रशासन को यह भी ध्यान रखना होगा कि विकास की इस दौड़ में किसी की रोटी-रोजी न छिने। दुकानदारों की मांग पर अब सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

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