बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, आनंद तिवारी पंकज और संदीप यादव ने अदालत में पक्ष रखा।
वाराणसी। पानी के पाइप के विवाद की सूचना को लेकर मौके पर पहुंचे वाराणसी एसीपी व थानाध्यक्ष समेत पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमले के मामले में अब एक बड़ा मोड़ आ गया है। इस घटना से जुड़े सात आरोपियों को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है।
जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत ने इस मामले में आरोपी उमेश सोनकर, अजय सोनकर, गणेश प्रसाद विश्वकर्मा, राममूरत पटेल, चिराग पटेल, मुकुंद पटेल और अजय मौर्या को अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) पर रिहा करने का आदेश दिया है। ये सभी आरोपी सुल्तानपुर, रामनगर के निवासी हैं। कोर्ट ने पुलिस द्वारा इन्हें गिरफ्तार किए जाने की दशा में 50-50 हजार रुपए की दो जमानतें और बंधपत्र देने पर रिहा करने का निर्देश दिया है।
बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, आनंद तिवारी पंकज और संदीप यादव ने अदालत में मजबूती से पक्ष रखा।
क्या था पूरा मामला? पानी के पाइप के विवाद को लेकर हुई थी घटना – यह घटना पानी के पाइप के विवाद से जुड़ी हुई थी, जिसने इतना बड़ा रूप ले लिया कि वाराणसी एसीपी व थानाध्यक्ष समेत पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला कर दिया गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 9 नवम्बर 2025 को रामनगर थाने के उपनिरीक्षक जयप्रकाश सिंह को सूचना मिली थी कि सुल्तानपुर गांव में पानी के पाइप के विवाद को लेकर कुछ लोग ग्राम प्रधान रितू देवी से मारपीट कर रहे हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्राम प्रधान की शिकायत पर विशेष मौर्या, राहुल विश्वकर्मा और रोहित पटेल को हिरासत में लेकर थाने ले आई।
इसकी जानकारी मिलते ही सुल्तानपुर गांव के सैकड़ों लोग थाने पहुंच गए और उन्होंने थाने का घेराव कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष रामनगर ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी।
एसीपी, थानाध्यक्ष समेत पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला – सूचना पाकर एसीपी कोतवाली अतुल अंजान समेत कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करने लगी। तभी ग्रामीण उग्र हो गए और उन्होंने एसीपी व थानाध्यक्ष समेत पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमले की नीयत से ईंट-पत्थर से हमला करना शुरू कर दिया। इस अचानक हुए हमले में एसीपी, थानाध्यक्ष रामनगर समेत कई पुलिसकर्मी गंभीर रुप से घायल हो गए।
पुलिस ने इस मामले में 55 नामजद समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था और उस दौरान 19 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। हालांकि, अब इस मामले में varanasi एसीपी व थानाध्यक्ष समेत पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमले के मामले में आरोपी को मिली अग्रिम जमानत मिलने से आरोपियों को बड़ी राहत मिली है।
यह आदेश दर्शाता है कि कोर्ट ने आरोपों की गंभीरता और बचाव पक्ष की दलीलों पर विचार करते हुए इन सात आरोपियों को फिलहाल गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान की है।







