फ्लैट के मालिक व पूर्व कांग्रेस नेता अरूण यादव ने कहा ‘‘झूठों का मुंह हुआ काला’’

विनय यादव


वाराणसी।
बीते सोमवार को जनपद के थाना सिगरा की पुलिस और एसओजी – 2 के द्वारा सिगरा थाना क्षेत्र के शहीद उद्यान के सामने स्थित शक्ति शिखा बिल्डिंग में छापेमारी करते हुये सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया गया है। जिसके सम्बन्ध में सोशल मीडिया से लेकर जनपद व प्रदेश भर में यह पर्दाफाश काफी सुर्खियों में रहा।

जिसका मुख्य कारण रहा उक्त फ्लैट के मालिक अरूण यादव की पत्नी व भाजपा नेत्री शालिनी यादव को बदनाम करने की नियत से उनके फोटो सहित उनका नाम भी प्रकाशित व प्रसारित किया गया। जिसके सम्बन्ध में भाजपा उत्तर प्रदेश के द्वारा सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी करते हुये लिखा गया है कि उक्त कार्रवाई की जांच में अभी तक अरूण यादव व उनकी पत्नी शालिनी यादव का नाम प्रकाश में नहीं आया है।

वहीं दूसरी ओर अरूण यादव के द्वारा भी अपने सोशल मीडिया एकाउंट फेसबुक पर भी उक्त भाजपा उत्तर प्रदेश के पोस्ट को वायरल करने के साथ ही लिखा गया है कि ‘‘झूठों का मुंह हुआ काला।’’ उक्त मामले के सम्बन्ध में ज्ञात हो कि जनपद के सिगरा थाना क्षेत्र के शहीद उद्यान के सामने स्थित शक्ति शिखा बिल्डिंग सोमवार देर रात एसओजी-2 और सिगरा थाने की पुलिस के द्वारा संयुक्त छापेमारी की गयी थी। जिसमें चल रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया गया था। उक्त कार्रवाई के दौरान मौके से 5 महिलाओं को हिरासत में लिया गया था।

पुलिस की यह कार्यवाई शहर के साथ ही बल्कि पुरे प्रदेश व सोशल मीडिया में चर्चा का केंद्र बना हुआ था। जिसका मुख्य कारण यह था कि जिस फ्लैट से यह अवैध कार्य संचालित हो रहा था, वह फ्लैट सम्मानित पूर्व कांग्रेसी नेता अरुण यादव के नाम पर है, जिसे उनके द्वारा अश्विनी त्रिपाठी नामक व्यक्ति को किराए पर दिया गया था। इस बात की सुगबुगाहट सामने आते ही लोगो के बीच यह चर्चा का केंद्र बन गया।

वहीं छापेमारी में पुलिस के द्वारा मौके से यूज्ड कंडोम, मोबाइल फोन, डिजिटल डेटा और एक रजिस्टर बरामद किया गया था। जिससे कई युवतियों को बाहर के जिलों से बुलाए जाने की भी पुष्टि हुई है। पूछताछ में रैकेट से जुड़े बड़े नेटवर्क के खुलासे की भी संभावना जतायी गयी है।

बताया जा रहा है कि स्थानीय लोगों की शिकायत और लंबी निगरानी के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है। वहीं पुलिस अधिकारियों के द्वारा कहा गया कि यह कार्रवाई शहर में सक्रिय अवैध नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वहीं थाना सिगरा में उक्त के सम्बन्ध में मुअसं. 464/2025 वादी मुकदमा एसीपी चेतगंज ईशान सोनी के द्वारा अनैतिक व्यापर से सम्बन्धित विभिन्न धाराओं में अश्विनी त्रिपाठी के खिलाफ पंजीकृत कराया गया है।

वहीं इस सम्बन्ध में बीएम ब्रेकिंग न्यूज के द्वारा जब उक्त फ्लैट के मालिक अरूण यादव से टेलीफोन पर वार्ता की गयी तो उनके द्वारा बताया गया था कि उक्त फ्लैट को एक ब्रोकर के माध्यम से किराये पर अश्विनी त्रिपाठी को दिया गया था, जिसका उनके साथ किरायेदारी का एग्रीमेंट भी है। वहीं उक्त किरायेदार के द्वारा किराया भी समय से नहीं दिया जा रहा था, जिसके सम्बन्ध में विगत 6 माह से उनको फ्लैट खाली करने के लिये कह दिया गया था, परन्तु उनके द्वारा फ्लैट खाली नहीं किया गया, जिसमें आज यह घटना प्रकाश में आ गयी।

वहीं आगे बताते हुये कहा कि इस मामले में उनकी पत्नी शालिनी यादव का नाम लेना ये पूरी तरह से गलत है, क्योंकि उक्त फ्लैट का कानूनी रूप से तन्हा मालिक मै हूं, और जो लोग मेरी पत्नी का नाम इस मामले में ला रहे है, वो गलत कर रहे है।

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