वाराणसी: अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने की वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की नीति के तहत, कैंट थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। लगभग तीन वर्ष से फरार चल रहे, ₹25000 का ईनामिया बलात्कार का अभियुक्त ‘गप्पू उर्फ राजनाथ’ को आखिरकार धर दबोचा गया है।

पुलिस कमिश्नर महोदय के कड़े निर्देशों पर, वरुणा ज़ोन के वरिष्ठ अधिकारियों के पर्यवेक्षण में, अपराधियों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई जा रही है। इसी कड़ी में, कैंट थाना पुलिस की टीम ने धारा 85 बीएनएसएस (कुर्की) की कार्यवाही के दौरान यह महत्वपूर्ण गिरफ्तारी की।

तीन वर्ष से फरार ईनामिया अभियुक्त ऐसे आया गिरफ्त में – गिरफ्तार बलात्कार का अभियुक्त गप्पू उर्फ राजनाथ, जो मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के बेनीपुर गांव का निवासी है, कई वर्षों से फरार चल रहा था। उसके खिलाफ मु0अ0सं0 0082/2023 धारा 376/392/506 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज था।

घटना के विवरण के अनुसार, अभियुक्त गप्पू उर्फ राजनाथ ने अपने साथी प्यारेलाल (जिसे पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है) के साथ मिलकर, वादिनी की पत्नी को तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक का झांसा दिया। इस दौरान, उसने दिनांक 10.04.22 और दिनांक 12.05.22 को न सिर्फ़ जबरदस्ती अनैतिक संबंध बनाए, बल्कि झाड़-फूंक के नाम पर उनकी पत्नी के मंगलसूत्र और कान की बालियाँ भी लूट ली

इस गंभीर मामले के बाद, दूसरा अभियुक्त प्यारेलाल तो 01.03.2023 को गिरफ्तार हो गया, लेकिन मुख्य बलात्कार का अभियुक्त गप्पू उर्फ राजनाथ लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने ₹25000 का ईनाम घोषित किया था।

मा. न्यायालय ने अभियुक्त के विरुद्ध NBW और धारा 82 दण्ड प्रक्रिया संहिता के आदेश जारी किए थे, जिसके बाद धारा 85 बीएनएसएस (कुर्की) की कार्यवाही का आदेश पारित किया गया था। इस कुर्की कार्यवाही के अनुपालन के दौरान ही, दिनांक 05.12.2025 को कैंट पुलिस टीम ने तीन वर्ष से फरार ₹25000 का ईनामिया बलात्कार का अभियुक्त गप्पू उर्फ राजनाथ को उसके घर (ग्राम बेनीपुर, मिर्जामुराद) से गिरफ्तार कर लिया।

इस महत्वपूर्ण गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली कैंट थाना पुलिस टीम में शिवाकान्त मिश्र, प्रभारी निरीक्षक थाना कैण्ट, व0उ0नि0 राम केवल यादव, का0 शाश्वत शुक्ला, का0 प्रवीण कुमार, म0का0 स्नेहा पाण्डेय शामिल थे।

पुलिस द्वारा अब इस ईनामिया अभियुक्त के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की यह कार्रवाई अपराधियों को स्पष्ट संदेश देती है कि वे कानून की पहुंच से दूर नहीं रह सकते, भले ही वह तीन वर्ष से फरार हो।

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