वाराणसी: उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि को सुधारने और अपराध मुक्त समाज बनाने की दिशा में कई अधिकारी दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। इन्हीं अधिकारियों में से एक हैं कैंट थाना प्रभारी (Inspector) शिवकांत मिश्रा। अपनी सख्त कार्यशैली और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के लिए जाने जाने वाले मिश्रा इन दिनों कुछ शरारती तत्वों और फर्जी खबरों के निशाने पर हैं।
सराहनीय कार्यों से मिली नई पहचान
जब से शिवकांत मिश्रा ने कैंट थाने की कमान संभाली है, क्षेत्र में पुलिस का इकबाल बुलंद हुआ है। उनके द्वारा चलाए जा रहे निरंतर अभियानों ने न केवल अपराधियों में भय पैदा किया है, बल्कि आम जनता का जिला प्रशासन और पुलिस पर विश्वास भी बढ़ाया है। उनके बेहतर प्रबंधन और सक्रियता के कारण ही कैंट क्षेत्र में कानून व्यवस्था सुदृढ़ हुई है।
करोड़ों के जुए की फर्जी खबर: एक साजिश?
हाल ही में कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और असत्यापित माध्यमों से यह भ्रामक खबर फैलाई गई कि कैंटोनमेंट एरिया में करोड़ों का जुआ संचालित हो रहा है। यह खबर न केवल आधारहीन है, बल्कि तर्क से परे भी है।
ध्यान देने योग्य बातें:
- VVIP क्षेत्र: कैंटोमेंट एरिया शहर का सबसे सुरक्षित और संवेदनशील इलाका है।
- अधिकारियों का निवास: यहाँ तमाम आला अधिकारियों के आवास हैं।
- सघन गश्त: इस क्षेत्र में 24 घंटे पुलिस की कड़ी चौकसी और गश्त रहती है।
ऐसे उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, विशेषकर ‘करोड़ों का जुआ’ होना पूरी तरह नामुमकिन है। यह स्पष्ट रूप से थाना प्रभारी शिवकांत मिश्रा की बेदाग छवि को धूमिल करने का एक सुनियोजित प्रयास नजर आता है।
प्रशासन की छवि पर प्रहार
जब एक ईमानदार अधिकारी को निशाना बनाया जाता है, तो असल में वह प्रहार पूरे जिला प्रशासन की साख पर होता है। अपनी मेहनत से कानून का राज स्थापित करने वाले अधिकारियों के खिलाफ फर्जी नैरेटिव सेट करना समाज के लिए घातक है।
“शिवकांत मिश्रा जैसे अधिकारी अपनी सख्त छवि और कार्य के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते हैं। उनकी छवि खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई समय की मांग है।”
