वाराणसी के भेलूपुर थाने में अनिता साहनी की शिकायत पर ससुराल पक्ष के 8 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज। ₹2 लाख दहेज की मांग और जानलेवा हमले के बाद अब अधिवक्ता कुलदीप गुप्ता के प्रयास से जगी न्याय की उम्मीद।
वाराणसी। जनपद के भेलूपुर थाना वाराणसी अनीता साहनी केस में एक नया मोड़ आया है। लंबे संघर्ष और अधिवक्ता कुलदीप गुप्ता के अथक प्रयासों के बाद, पीड़िता अनिता साहनी को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर ससुराल पक्ष के विरुद्ध मुअसं. 540/2025 के तहत विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। भदैनी, वाराणसी की रहने वाली अनिता साहनी (पुत्री पनारू साहनी) का विवाह फिरोजाबाद निवासी मनीष साहनी के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। अनिता का आरोप है कि शादी के बाद से ही वह अपने दाम्पत्य जीवन को बखूबी निभा रही थी, लेकिन अक्टूबर 2024 में उसके ससुराल वालों की नीयत बदल गई। पीड़िता के अनुसार, उसके पति मनीष, ससुर रमेश, सास सुख देवी और परिवार के अन्य सदस्य (जेठ सुनील, देवर अनिल, जेठानी गुंजा, देवरानी सर्वेश, ननद राखी और नन्दोई सोनू) मकान बनवाने के नाम पर मायके से 2,00,000 रुपये (दो लाख रुपये) लाने का दबाव बनाने लगे।
“मेरे पिता राजगीर मिस्त्री हैं, वो इतना पैसा कहाँ से लाएंगे? उन्होंने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज दिया था, लेकिन ससुराल वाले मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना पर उतर आए।” – पीड़िता अनिता साहनी
अनिता ने अपनी आपबीती में बताया कि 29 दिसंबर 2024 को क्रूरता की सारी हदें पार हो गईं। जब उसका पति घर से बाहर था, तब ससुर, जेठ और सास ने कमरे में घुसकर गाली-गलौज की। विरोध करने पर जेठ ने मर्यादा भंग करने के इरादे से साड़ी खींची, वहीं ससुर ने लोहे की रॉड से अनिता के सिर पर प्रहार किया, जिससे वह लहूलुहान होकर बेहोश हो गई। ग्रामीणों और पीड़िता की छोटी बेटी की मदद से उसकी जान बच सकी। पीड़िता का आरोप है कि उसके ससुर ने उसे जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि वह पहले भी हत्या के मामले में जेल जा चुका है। घटना के बाद अनिता को उसके दो बच्चों (सिद्धि और विहानेश) से अलग कर घर से निकाल दिया गया। 31 दिसंबर को मायके पहुँचने के बाद पीड़िता ने श्री शिव प्रसाद गुप्त मण्डलीय चिकित्सालय में अपना मेडिकल कराया।
इस मामले में भेलूपुर थाना वाराणसी अनीता साहनी केस को मजबूती से उठाने में अधिवक्ता कुलदीप गुप्ता की भूमिका अहम रही। उनके विधिक प्रयासों के बाद ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। अब पीड़िता की मांग है कि उसे उसके बच्चे वापस दिलाए जाएं और दोषियों को सख्त सजा मिले। वाराणसी की यह घटना समाज में दहेज लोभियों के बढ़ते दुस्साहस को दर्शाती है। भेलूपुर थाना पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। क्षेत्र के लोगों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या अनिता को उसके मासूम बच्चे और न्याय मिल पाएगा?







