वाराणसी के थाना सारनाथ व रोहनिया पुलिस ने पुलिस आयुक्त वाराणसी व अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय एवं अपराध के निर्देशन में नशीली कफ सिरप तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया। 2 आरोपी गिरफ्तार, 6 करोड़ के काले धन का खुलासा।

वाराणसी। वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने नशीली दवाओं के अवैध कारोबार और उससे जुड़े हवाला नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाहियों में से एक को अंजाम दिया है। पुलिस आयुक्त वाराणसी व अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय एवं अपराध के निर्देशन में थाना सारनाथ पुलिस टीम ने एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो ‘नीले से पीला’ (नशीली दवा से सोना) कोडवर्ड के जरिए करोड़ों का काला साम्राज्य चला रहा था। पुलिस आयुक्त वाराणसी व अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय एवं अपराध के निर्देशन व पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के कुशल पर्यवेक्षण में अपराधियों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के तहत थाना प्रभारी सारनाथ पंकज कुमार त्रिपाठी व उनकी टीम के द्वारा दो शातिर अभियुक्तों जिसमे विष्णु कुमार पाण्डेय (निवासी सारनाथ, वाराणसी), व लोकेश अग्रवाल (निवासी महमूरगंज, सिगरा) को गिरफ्तार किया गया है। वहीं थाना प्रभारी रोहनिया राजू सिंह व उनकी टीम के द्वारा तीन शातिर अभियुक्तों स्वप्निल केशरी निवासी चंधासी मुगलसराय जनपद चंदौली, दिनेश यादव निवासी सप्तसागर मैदागिन वाराणसी व आशीष यादव निवासी ईश्वरगंगी जैतपुरा वाराणसी को गिरफ्तार किया गया है।

थाना सारनाथ पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये अभियुक्त लोकेश अग्रवाल की निशानदेही पर पुलिस ने भारी मात्रा में कूट रचित दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं : 01 अदद चेकबुक और 01 अदद मोहर (पी.डी. फार्मा), 01 अदद लेटर पैडबुक और 120 हस्ताक्षरयुक्त बिल, 01 अदद लैपटॉप, 01 मोबाइल फोन और HDFC बैंक का ATM कार्ड।

पुलिस आयुक्त वाराणसी व अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय एवं अपराध के निर्देशन में हुई गहन पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। यह सिंडिकेट बांग्लादेश और अन्य राज्यों में कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी कर 10 गुना मुनाफा कमाता था। फर्जी फर्मों का जाल: आरोपियों ने ‘पीडी फार्मा’ जैसी फर्जी कंपनियां बनाकर डमी संचालक (विष्णु कुमार) को मालिक बनाया, जबकि असली कंट्रोल लोकेश अग्रवाल और शुभम जायसवाल के पास था। टैक्स चोरी का तरीका: ई-वे बिल से बचने के लिए बिलिंग हमेशा 50,000 रुपये से कम रखी जाती थी ताकि कोई डिजिटल रिकॉर्ड न बन सके। हवाला और गोल्ड नेटवर्क: 100 रुपये की कफ सिरप को 700 रुपये में बेचकर मुनाफे को सोने (पीला) में बदला जाता था। प्रतीक गुजराती नामक हवाला ऑपरेटर के माध्यम से करीब 6 करोड़ रुपये के काले धन को सफेद (Money Laundering) किया गया।

यह बड़ी कामयाबी पुलिस आयुक्त वाराणसी व अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय एवं अपराध के निर्देशन और सहायक पुलिस आयुक्त सारनाथ विदुष सक्सेना के कुशल नेतृत्व में मिली है। कार्यवाही करने वाली टीम में थानाध्यक्ष सारनाथ पंकज कुमार त्रिपाठी, उ०नि० दुर्गेश सिंह, उ०नि० देवेन्द्र सिंह, म०उ०नि० मीनू सिंह और साइबर व सर्विलांस सेल के जांबाज सिपाही शामिल रहे। वाराणसी पुलिस की इस कार्यवाही ने नशा तस्करों की कमर तोड़ दी है। पुलिस आयुक्त वाराणसी व अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय एवं अपराध के निर्देशन में अब इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य फरार आरोपियों (शुभम जायसवाल और प्रतीक गुजराती) की तलाश तेज कर दी गई है।

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