कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पिछले 10 दिनों के भीतर पुलिस ने तीसरी बड़ी खेप पकड़ते हुए 2.50 करोड़ रुपये कीमत का गांजा बरामद किया है। इस कार्रवाई में सजेती और किदवई नगर पुलिस ने एक महिला सरगना सहित कुल पांच तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में हैरान करने वाले खुलासे हुए हैं। पकड़े गए तस्करों ने बताया कि वे नेपाल और उड़ीसा से गांजा खरीदकर लाते थे। पकड़े जाने के डर से वे बस और ट्रक के जरिए प्रयागराज के रास्ते बांदा पहुंचते थे और फिर वहां से चारपहिया गाड़ियों (टाटा करव और बोलेरो) के जरिए माल कानपुर शहर में सप्लाई करते थे।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने प्रेसवार्ता में बताया कि किदवई नगर पुलिस ने कंजड़नपुरवा निवासी दीपा और दीप को गिरफ्तार किया है। महिला सरगना दीपा के घर से 12 किलो गांजा और 5.43 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। दिलचस्प बात यह है कि उसके पास से 33 हजार रुपये के 10 के सिक्के और 4800 रुपये के 20 के सिक्के भी मिले हैं। सजेती पुलिस ने बांध मोड़ पर चेकिंग के दौरान एक टाटा करव और बोलेरो को रोका। तलाशी लेने पर बोरियों में भरा हुआ 2.12 क्विंटल गांजा मिला। पुलिस ने मौके से शिवम, पुष्पेंद्र सिंह और रोहित सविता को गिरफ्तार किया। इन तस्करों को प्रति चक्कर 75 हजार रुपये मिलते थे और ये महीने में कम से कम दो चक्कर लगाते थे।
पुलिस की बड़ी बरामदगी एक नजर में: कुल गांजा: करीब 2.33 क्विंटल (कीमत लगभग 2.50 करोड़ रुपये), नकद बरामदगी: 5.43 लाख रुपये (सिक्कों समेत), वाहन: एक टाटा करव, एक बोलेरो और 5 मोबाइल फोन।, गिरफ्तारी: दीपा, दीप, शिवम, पुष्पेंद्र सिंह और रोहित सविता।
डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि इन तस्करों से पूछताछ के बाद पूरी सप्लाई चेन का पता चला है। शहर में मादक पदार्थों के इस काले कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगा दी गई हैं। सभी आरोपियों पर NDPS एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है।




