थाना प्रभारी कैंट शिवाकांत मिश्रा सहित 43 पुलिस कर्मियों को मिला सम्मान
वाराणसी: खाकी वर्दी के पीछे छिपी मेहनत, त्याग और समर्पण को जब समाज का साथ और सम्मान मिलता है, तो यह केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि पूरे विभाग के लिए ऊर्जा का स्रोत बन जाता है। वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने इसी भावना को रेखांकित करते हुए कहा कि “पुलिस को प्रेरित करने वाला कार्यक्रम एक अनोखा कदम है”। पुलिस लाइन्स ऑडिटोरियम में ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ और ‘नवभारत टाइम्स’ द्वारा आयोजित ‘पुलिस प्राइड फेलिसिटेशन 2025’ समारोह में उन्होंने शहर के जांबाज पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया।
आलोचना के बीच सराहना की अहमियत – कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा, “पुलिस विभाग अक्सर आलोचनाओं और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच काम करता है। ऐसे में प्रतिष्ठित समूह द्वारा पुलिस कर्मियों की सेवा और अनुकरणीय उपलब्धियों को मान्यता देना वास्तव में सराहनीय है। पुलिस को प्रेरित करने वाला कार्यक्रम एक अनोखा कदम है क्योंकि यह बल को समाज की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए और अधिक प्रोत्साहित करता है।”
जांच की जटिलता और धैर्य की आवश्यकता – सीपी मोहित अग्रवाल ने पुलिस के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि जब किसी ‘ब्लाइंड मर्डर’ या जटिल अपराध को सुलझाने में समय लगता है, तो अक्सर पुलिस को निष्क्रिय मानकर निशाना बनाया जाता है। उन्होंने हाल के उदाहरण देते हुए कहा, “एक ही परिवार के पांच सदस्यों की हत्या जैसे मामलों में जांच बेहद जटिल होती है। हजारों फोन कॉल्स की डिटेल और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण करना पड़ता है। जनता को यह समझना चाहिए कि पुलिस हर प्रक्रिया का बारीकी से पालन करती है ताकि अपराधी बच न सके।”
43 जांबाजों को मिला सम्मान – समारोह के दौरान डीसीपी रैंक से लेकर कांस्टेबल तक कुल 43 पुलिसकर्मियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। मोहित अग्रवाल ने जोर देकर कहा कि पुलिस को प्रेरित करने वाला कार्यक्रम एक अनोखा कदम है क्योंकि यह जमीनी स्तर पर काम करने वाले सिपाहियों के मनोबल को बढ़ाता है।
इन श्रेणियों में दिए गए पुरस्कार : सर्वश्रेष्ठ जांच और चुनौतीपूर्ण मामलों का खुलासा। सबसे कुशल पुलिस स्टेशन और सबसे प्रभावी पुलिसकर्मी। साइबर अपराध नियंत्रण और मिशन शक्ति के तहत कार्य। शहर की सर्वश्रेष्ठ महिला पुलिसकर्मी और ट्रैफिक पुलिसकर्मी। खेल में उत्कृष्टता और लंबे समय तक दी गई उत्कृष्ट सेवा।
तकनीक को अपनाना समय की मांग – बदलते अपराधों, विशेषकर साइबर धोखाधड़ी का जिक्र करते हुए पुलिस कमिश्नर ने नई पीढ़ी के पुलिसकर्मियों से तकनीक सीखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस को तकनीकी रूप से अपडेट रहना अनिवार्य है। कार्यक्रम में सनबीम ग्रुप ऑफ एजुकेशन्स के चेयरमैन दीपक माधोक ने भी अपने अनुभव साझा किए और खाकी वर्दी के प्रति आभार व्यक्त किया। अंत में मोहित अग्रवाल ने दोहराया कि जब समाज पुलिस के अच्छे कार्यों को मान्यता देता है, तो वह बल के लिए सबसे बड़ा पुरस्कार होता है, इसीलिए पुलिस को प्रेरित करने वाला कार्यक्रम एक अनोखा कदम है।




