अधिवक्ताओं अनुज यादव, नरेश यादव, रोहित यादव व संदीप यादव के जरिए विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट/14वां वित्त फाइनेंस) की अदालत में सरेंडर कर दिया।
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के चर्चित कफ सिरप कांड में शामिल अपराधियों के खिलाफ वाराणसी पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी क्रम में, लंबे समय से फरार चल रहे और पुलिस की नाक में दम करने वाले गायघाट निवासी इनामी अपराधी राहुल यादव ने सोमवार को पुलिस को चकमा देते हुए कोर्ट में समर्पण कर दिया। अधिवक्ताओं के जरिए पहुंचा कोर्ट वाराणसी के इस बहुचर्चित मामले में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी, लेकिन शातिर अपराधी राहुल यादव हाथ नहीं आ रहा था। सोमवार को उसने अपने अधिवक्ताओं अनुज यादव, नरेश यादव, रोहित यादव व संदीप यादव के जरिए विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट/14वां वित्त फाइनेंस) की अदालत में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने आरोपित को न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए जेल भेजने का आदेश दिया है।
आपको बता दें कि औषधि निरीक्षक जुनाब अली द्वारा 15 नवंबर 2025 को कोतवाली थाने में इस गिरोह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोप है कि गिरोह का सरगना शुभम जायसवाल अपने साथियों—खोजवां निवासी दिवेश जायसवाल उर्फ सानू, जौनपुर निवासी विकास सिंह, गोलघर निवासी आकाश पाठक, गायघाट निवासी राहुल यादव और सोनिया निवासी अमित जायसवाल समेत कुल 28 लोगों के साथ मिलकर प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी करता था। यह मामला केवल तस्करी का नहीं, बल्कि लोगों की जान से खिलवाड़ का है। इस प्रतिबंधित कफ सिरप के सेवन से अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है। इसी गंभीरता को देखते हुए, बीते 2 जनवरी 2026 को सभी आरोपितों के खिलाफ गैर जमानती वारंट (NBW) जारी किया गया था।
वाराणसी पुलिस लगातार राहुल यादव के घर और संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी, लेकिन गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने कानूनी रास्ते का सहारा लेते हुए सीधे कोर्ट की शरण ली। फिलहाल, राहुल यादव के जेल जाने के बाद अब पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।




