वाराणसी में कुत्ते के विवाद में भाजपा नेता और उनके परिवार पर हुए प्राणघातक हमले के मामले में कोर्ट ने छह आरोपितों को जमानत दे दी। जानिए पूरा मामला।
अदालत में आरोपितों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, रोहित यादव और संदीप यादव ने पैरवी की।
वाराणसी। कुत्ते के विवाद में भाजपा नेता पर हमला करने के गंभीर मामले में आरोपितों को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। इस बहुचर्चित मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत ने छह आरोपितों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। वाराणसी कुत्ते के विवाद में भाजपा नेता पर हमला मामले में सिकरौल, कैंट निवासी आरोपित अर्थराज उर्फ गोलू, अनन्य सोनकर, उत्कर्ष सोनकर, दिनेश सोनकर, अंजनी सोनकर और सुरेश सोनकर को 20-20 हजार रुपये की दो जमानतें और बंधपत्र देने पर रिहा किया गया।
अदालत में आरोपितों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, रोहित यादव और संदीप यादव ने मजबूत पैरवी की। वहीं अभियोजन पक्ष के अनुसार, सिकरौल, कैंट निवासी मनोज सोनकर ने कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। एफआईआर के अनुसार, मनोज सोनकर के पड़ोसी सुरेश सोनकर और उसका पुत्र अर्थराज उर्फ गोलू उनके पालतू कुत्ते को कमरे में बंद कर मार रहे थे। जब मनोज ने इसका विरोध किया, तो वाराणसी कुत्ते के विवाद में भाजपा नेता पर हमला की घटना ने हिंसक रूप ले लिया।
आरोप है कि अर्थराज गोलू, अनन्य सोनकर उर्फ कुनाल, उत्कर्ष सोनकर, लक्ष्मी सोनकर, अंजू सोनकर, दिनेश सोनकर उर्फ दीनू, अंजनी सोनकर, सुरेश सोनकर और अर्पणा सोनकर उर्फ गुनगुन ने एक राय होकर लूट के इरादे से घर में घुसकर हमला किया। इस दौरान घर में जमकर तोड़फोड़ की गई और गाली-गलौज करते हुए अर्थराज गोलू ने धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया। अनन्य सोनकर ने मनोज की पत्नी के गले से सोने की चेन लूट ली, जबकि शंभू सोनकर पर पत्थर से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
इतना ही नहीं, वाराणसी कुत्ते के विवाद में भाजपा नेता पर हमला के दौरान 8 वर्षीय बच्ची पिहू सोनकर को ईंट से मारा गया। अन्य महिलाओं के साथ भी मारपीट कर उनके गहने लूट लिए गए। आरोप है कि बाहरी लोगों ने भी घर में घुसकर जान से मारने की धमकी दी और कीमती सामान लूटकर फरार हो गए। इस मामले में कैंट पुलिस ने सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया और प्राणघातक हमला समेत अन्य धाराओं में न्यायिक रिमांड की मांग की। हालांकि बचाव पक्ष के विरोध के बाद अदालत ने प्राणघातक हमले की धारा में रिमांड से इनकार करते हुए अन्य धाराओं में न्यायिक रिमांड बनाया।
बाद में आरोपितों की ओर से जमानत अर्जी दाखिल की गई, जिस पर सुनवाई के बाद अदालत ने जमानत मंजूर कर ली। इस फैसले के बाद वाराणसी कुत्ते के विवाद में भाजपा नेता पर हमला मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।




