वाराणसी कैंट पुलिस ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक परिवार को उनकी सबसे बड़ी खुशी लौटा दी है। 39 GTC से लापता मूक-बधिर और डाउन सिंड्रोम से पीड़ित 15 वर्षीय बालक आयुष को पुलिस ने अथक प्रयासों के बाद मिर्जापुर के कछवां बाजार से सकुशल बरामद कर लिया है।

वाराणसी के 39 बटालियन जीटीसी (39 GTC) कैंटोमेंट में तैनात सूबेदार मेजर राजेन्द्र मगर का 15 वर्षीय बेटा, आयुष घर्ती मगर, बीते 24 जनवरी 2026 को अचानक घर से कहीं गुम हो गया था। आयुष न केवल बोलने में असमर्थ (मूक-बधिर) है, बल्कि वह डाउन सिंड्रोम (Down Syndrome) जैसी गंभीर बीमारी से भी पीड़ित है। बच्चे के लापता होने से परेशान पिता ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद वाराणसी कैंट थाना में मु0अ0सं0 30/2026 धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज किया गया।

केस की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी कैंट शिवाकांत मिश्रा के द्वारा मुकदमे की विवेचना चौकी प्रभारी फुलवरिया, दीक्षा पाण्डेय को सौंपी गई। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए सक्रियता दिखाई और संचार माध्यमों का उपयोग: आरटी सेट (RT Set) और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बच्चे की जानकारी प्रसारित की गई। CCTV फुटेज का विश्लेषण: पुलिस ने शहर के दर्जनों सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। साइकिल से पहुँचा मिर्जापुर: जांच में पता चला कि बच्चा अपनी साइकिल से घर से निकला था और मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण लगातार साइकिल चलाते हुए वाराणसी से मिर्जापुर के कछवां बाजार तक जा पहुँचा।

जहाँ पूरा देश गणतंत्र दिवस मना रहा था, वहीं वाराणसी पुलिस आयुष को खोजने में जुटी थी। कड़ी मेहनत के बाद 26 जनवरी 2026 को बालक को कछवां बाजार, मिर्जापुर से सुरक्षित ढूंढ निकाला गया।

“बच्चा मानसिक रूप से विशेष है और बोल नहीं सकता, जिस वजह से उसे ढूंढना एक बड़ी चुनौती थी। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों की मदद से उसे बरामद किया जा सका।” – शिवाकांत मिश्रा थाना प्रभारी कैंट

बेटे के वापस मिलने पर सूबेदार मेजर राजेन्द्र मगर और उनका परिवार भावुक हो गया। परिजनों ने वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस, थाना प्रभारी कैंट शिवाकांत मिश्रा व चौकी प्रभारी दीक्षा पाण्डेय की टीम को कोटि-कोटि धन्यवाद दिया। पुलिस की इस मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता की इलाके में काफी प्रशंसा हो रही है।

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