वाराणसी: धर्म की नगरी काशी के चौक थाना क्षेत्र स्थित दालमंडी में ध्वस्तीकरण के दौरान बवाल मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सोमवार को दालमंडी गली चौड़ीकरण के तहत जर्जर भवनों को गिराने की कार्रवाई के दौरान हुए भारी हंगामे और आत्मदाह की कोशिश के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। पुलिस ने इस मामले में नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कस दिया है।
क्या है पूरा मामला? – सोमवार को जब प्रशासन की टीम दालमंडी में गली चौड़ीकरण के लिए जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर रही थी, तभी स्थानीय निवासियों और कथित व्यापारी नेताओं ने इसका पुरजोर विरोध किया। देखते ही देखते विरोध ने उग्र रूप ले लिया। दालमंडी में ध्वस्तीकरण के दौरान बवाल मामले में मुकदमा दर्ज होने की मुख्य वजह एक व्यक्ति द्वारा अपनी दुकान पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश करना रही। इस आत्मघाती कदम से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
चौकी प्रभारी की तहरीर पर केस दर्ज – इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए वाराणसी पुलिस ने दोषियों के खिलाफ एक्शन लिया है। दालमंडी में ध्वस्तीकरण के दौरान बवाल मामले में मुकदमा दर्ज करते हुए दालमंडी चौकी प्रभारी प्रकाश सिंह चौहान की तहरीर पर चौक थाने में FIR दर्ज की गई है। नामजद आरोपी: अजमत, फारूक खान और अन्य अज्ञात। धाराएं: बीएनएस (BNS) की धारा 221 और 7 सीएलए (CLA) एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत।
सोमवार को हुए हंगामे के बावजूद प्रशासन के हौसले पस्त नहीं हुए हैं। दालमंडी में ध्वस्तीकरण के दौरान बवाल मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद, आज मंगलवार को भी सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच कार्रवाई जारी है। प्रशासन ने कुल 21 जर्जर भवनों को चिन्हित किया था, जिनमें से बचे हुए भवनों को गिराने का काम भारी पुलिस बल की मौजूदगी में किया जा रहा है।
दालमंडी इलाके में फिलहाल शांति है, लेकिन एहतियातन चौक थाना क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। उच्चाधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।



