वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी मामले (Cough Syrup Smuggling Case) ने एक नया मोड़ ले लिया है। इस मामले के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल और उनके परिवार की संपत्ति कुर्की पर 11 फरवरी को फैसला आएगा। वाराणसी की एक स्थानीय अदालत ने सोमवार को दोनों पक्षों की लंबी बहस सुनने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है।

वाराणसी पुलिस और अभियोजन पक्ष ने मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के परिवार द्वारा अवैध कमाई से अर्जित की गई संपत्तियों को कुर्क करने की अर्जी अदालत में दी थी। अभियोजन पक्ष का कहना है कि नशीले कफ सिरप की तस्करी से बनाई गई काली कमाई को खपाने के लिए इन संपत्तियों का इस्तेमाल किया गया। इसी को लेकर अब संपत्ति कुर्की पर 11 फरवरी को फैसला आने की उम्मीद है।

आरोपी पक्ष के अधिवक्ता शैलेन्द्र सिंह ने अदालत में पुलिस की अर्जी पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने तर्क दिया कि पुलिस ने सक्षम उच्चाधिकारी की संस्तुति के बिना ही यह अर्जी दाखिल की है, जो कानूनन गलत है। आरोपी पर लगे आरोप स्पेशल एक्ट के तहत आते हैं, जिन पर बीएनएसएस (BNSS) के सामान्य प्रावधान लागू नहीं होते। बचाव पक्ष का दावा है कि उनके पास आयकर (Income Tax) से जुड़े दस्तावेज हैं जो साबित करते हैं कि संपत्तियां वैध तरीके से खरीदी गई हैं। इन्हीं तर्कों के बीच संपत्ति कुर्की पर 11 फरवरी को फैसला सुनाया जाना तय हुआ है।

वहीं, विशेष लोक अभियोजक सुनील सिंह और अरविंद श्रीवास्तव ने पुलिस का बचाव करते हुए कहा कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है। उन्होंने अदालत को बताया कि संबंधित उच्चाधिकारी की अनुमति के बाद ही कुर्की की मांग की गई है। अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को फ्रीज या कुर्क करना पुलिस का अधिकार है। एडीजे मनोज कुमार (14वां वित्त आयोग) की अदालत ने अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में संपत्ति कुर्की पर 11 फरवरी को फैसला देने की तारीख मुकर्रर की है।

वाराणसी में नशीले पदार्थों के कारोबारियों के खिलाफ प्रशासन का यह अब तक का सबसे सख्त कदम माना जा रहा है। 11 फरवरी का फैसला अन्य अपराधियों के लिए भी एक नजीर साबित हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *