कमिश्नरेट वाराणसी में Student Police Experiential Learning (SPEL) Programme 3.0 के तहत छात्र पुलिसिंग, साइबर क्राइम और महिला सुरक्षा जैसे विषयों का प्रशिक्षण ले रहे हैं। अपर पुलिस उपायुक्त ने छात्रों को POCSO और POSH एक्ट के प्रति जागरूक किया।

वाराणसी। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के निर्देशन में युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक अनूठी पहल की जा रही है। वाराणसी में Student Police Experiential Learning (SPEL) Programme 3.0 के तहत छात्र-छात्राएं किताबी ज्ञान से निकलकर धरातल पर पुलिस की कार्यप्रणाली को समझ रहे हैं। कमिश्नरेट वाराणसी के 18 थानों पर संचालित इस 30 दिवसीय अनुभवात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम (जो 14 जनवरी 2026 से शुरू हुआ है) का मुख्य उद्देश्य छात्रों के संज्ञानात्मक (Cognitive) विकास और लोक कौशल (People Skill) में सुधार करना है।

SPEL Programme 3.0 के अंतर्गत प्रत्येक छात्र को कुल 120 घंटों की ट्रेनिंग दी जा रही है। हर दिन 4 घंटे के आधार पर छात्र थानों में इन्टर्न के रूप में निम्नलिखित विषयों पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं जिसमे कानून व आपराधिक प्रक्रिया, साइबर क्राइम और यातायात नियंत्रण, मानव तस्करी की रोकथाम, कानून-व्यवस्था का प्रबंधन शामिल है। इस कार्यक्रम के लिए सभी छात्रों का पंजीकरण mybharat.gov.in पोर्टल पर कराया गया है, और प्रत्येक चयनित थाने पर एक-एक उप निरीक्षक को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।

अभियान के क्रम में 13 फरवरी 2026 को छात्रों के लिए एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) और अपर पुलिस उपायुक्त (महिला अपराध) के जनसुनवाई कक्ष में प्रतिभाग किया। छात्रों ने प्रत्यक्ष रूप से देखा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी किस प्रकार जनता की समस्याओं को सुनते हैं और उनका त्वरित निस्तारण कैसे किया जाता है।

रिजर्व पुलिस लाइन के सभागार में आयोजित कार्यशाला में अपर पुलिस उपायुक्त (महिला अपराध) नम्रिता श्रीवास्तव ने छात्रों को गंभीर विषयों पर जागरूक किया। उन्होंने बताया कि POCSO Act (2012): बच्चों के विरुद्ध होने वाले लैंगिक अपराधों से सुरक्षा। POSH Act (2013): कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न रोकना। मिशन शक्ति: महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन शासन की प्राथमिकता है। साथ ही, अपर पुलिस उपायुक्त मुख्यालय डॉ. जंगबहादुर यादव ने विशेष जांच प्रकोष्ठ और जटिल अपराधों के अनुसंधान के बारे में छात्रों का ज्ञानवर्धन किया।

छात्रों को पुलिस के डिजिटल तंत्र और आपातकालीन सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। अपर पुलिस उपायुक्त ने जोर दिया कि समाज में सुरक्षा का वातावरण बनाने के लिए इन नंबर्स 1076: मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 1090: वुमेन पावर लाइन, 181: महिला हेल्पलाइन, 1098: चाइल्ड हेल्पलाइन, 112: आपातकालीन पुलिस सहायता की जानकारी हर नागरिक को होनी चाहिए।

SPEL Programme 3.0 का समापन होने पर प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित कर सम्मानित किया जाएगा। यह पहल न केवल छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ा रही है, बल्कि पुलिस और जनता के बीच की दूरी को भी कम कर रही है।

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