चंदौली के सकलडीहा तहसील में भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार, एंटी करप्शन टीम ने लेखपाल पंकज कुमार और उसके साथी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। पूरी खबर विस्तार से पढ़ें।
चंदौली: उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जनपद की सकलडीहा तहसील में तैनात लेखपाल पंकज कुमार को एंटी करप्शन की टीम ने सोमवार को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। लेखपाल पर आरोप है कि उन्होंने एक रिपोर्ट लगाने के बदले 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। भ्रष्टाचार निवारण संगठन (Anti-Corruption) वाराणसी की के डीएसपी रमेश यादव के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई से पूरी तहसील में हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, सकलडीहा तहसील में तैनात लेखपाल पंकज कुमार एक मामले में रिपोर्ट लगाने के लिए पीड़ित से रुपयों की मांग कर रहे थे। पीड़ित ने इसकी शिकायत वाराणसी की एंटी करप्शन टीम से की। योजना के अनुसार, सोमवार को जैसे ही लेखपाल ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, टीम ने उन्हें दबोच लिया। प्रमुख विवरण: आरोपी लेखपाल: पंकज कुमार (सकलडीहा तहसील), प्राइवेट सहयोगी: सुखवीर (निजी सहायक), रिश्वत की राशि: 10,000 रुपये, कार्रवाई करने वाली टीम: भ्रष्टाचार निवारण संगठन, वाराणसी।
एंटी करप्शन टीम की मुस्तैदी का आलम यह था कि लेखपाल पंकज कुमार और उनके निजी सहयोगी सुखवीर को संभलने का मौका भी नहीं मिला। टीम ने दोनों को तहसील इलाके से ही गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद टीम दोनों आरोपियों को लेकर मुगलसराय कोतवाली पहुंची। मुगलसराय कोतवाली में कागजी कार्रवाई पूरी की गई और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
इस पूरे प्रकरण पर मुगलसराय कोतवाल संतोष कुमार सिंह ने बताया कि: “आरोपी लेखपाल पंकज कुमार और एक प्राइवेट व्यक्ति सुखवीर के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वाराणसी एंटी करप्शन टीम की तहरीर पर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।”
चंदौली में हुई यह कार्रवाई उन सरकारी कर्मचारियों के लिए एक चेतावनी है जो आम जनता के कार्यों के बदले रिश्वत की मांग करते हैं। सकलडीहा तहसील में लेखपाल पंकज कुमार की गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्रशासन भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है।



