प्रयागराज के थाना कैण्ट पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने ज्वैलर्स की दुकान में हुई चोरी का सफल अनावरण किया है। भारी मात्रा में सोना-चांदी और वाहन बरामद। पढ़ें पूरी खबर।
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में थाना कैण्ट पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने सर्विलांस और एसओजी (SOG) नगर टीम के सहयोग से ज्वैलर्स की दुकान में हुई सनसनीखेज चोरी की घटना का सफल अनावरण करते हुए 4 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अभियुक्तों के पास से पुलिस ने 450 ग्राम पीली धातु (सोना) और 1.8 किलोग्राम सफेद धातु (चांदी) बरामद की है। इसके साथ ही घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें और चोरी में इस्तेमाल होने वाला ‘सम्बल’ भी बरामद किया गया है।
दिनांक 16.02.2026 को थाना कैण्ट पुलिस और नगर की संयुक्त टीम को मुखबिर से सूचना मिली। इस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए पुलिस ने काली पल्टन बाबा जी की कुटी के पास घेराबंदी की और चारों अभियुक्तों को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में गौरव कनौजिया उर्फ मुकुल: निवासी मीरापुर, अतरसुइया, प्रयागराज। बकरीदउल शेख उर्फ पोपो: निवासी साहिबगंज, झारखंड (हाल पता: करैली, प्रयागराज)। समीउल शेख उर्फ छोटू: निवासी साहिबगंज, झारखंड (हाल पता: करैली, प्रयागराज)। परवेज आलम उर्फ तौशीफ उर्फ नेपाली: निवासी साहिबगंज, झारखंड (हाल पता: करैली, प्रयागराज) शामिल है।
बीती 13 फरवरी 2026 को गंगानगर नेवादा के निवासी प्रियांशु वर्मा ने सूचना दी थी कि उनकी ज्वैलर्स की दुकान का शटर उखाड़कर अज्ञात चोरों ने भारी मात्रा में आभूषण चोरी कर लिए हैं। पुलिस ने मु0अ0सं0-38/26 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पूछताछ में खुलासा: पकड़े गए चोरों ने बताया कि वे चोरी से पहले दुकानों और घरों की बाकायदा ‘रेकी’ करते थे। घटना के समय एक साथी बाहर वाहन लेकर खड़ा रहता था ताकि किसी के आने-जाने पर नजर रखी जा सके। चोरी के माल को बेचकर ये लोग अपने महंगे शौक पूरे करते थे।
इन अभियुक्तों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। परवेज आलम और समीउल शेख के खिलाफ पहले से ही नैनी, खुल्दाबाद और झूंसी थानों में कई मामले दर्ज हैं। गौरव कनौजिया पर हत्या के प्रयास (307) और पॉक्सो एक्ट जैसे गंभीर मामले भी दर्ज हैं। इस सफल अनावरण में थाना प्रभारी कैण्ट सुनील कुमार, एसओजी प्रभारी शांतनु सिंह और सर्विलांस प्रभारी सच्चिदानंद सिंह की टीम ने मुख्य भूमिका निभाई। उच्चाधिकारियों ने टीम की इस तत्परता की सराहना की है।



