अदालत में पीड़ित की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, आकाश सोनकर और संदीप यादव ने पक्ष रखा।
वाराणसी न्यूज़: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में कानून व्यवस्था और न्याय प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। न्यायालय कर्मचारी के घर में घुसकर मारपीट, लूटपाट और छेड़खानी के गंभीर आरोपों में घिरे एक भाजपा नेता की मुश्किलें अब बढ़ गई हैं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस को तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है।
प्रकरण के अनुसार, कैंट थाना क्षेत्र के सिकरौल निवासी न्यायालय कर्मचारी सुरेश सोनकर ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से अदालत में गुहार लगाई थी। पीड़ित ने आरोप लगाया कि बीते 20 जनवरी 2026 की रात लगभग 8 से 9 बजे के बीच मामूली विवाद को लेकर उनके पड़ोसी और भाजपा नेता मनोज कुमार सोनकर ने अपने परिवार और सहयोगियों के साथ मिलकर उनके घर पर जानलेवा हमला कर दिया।
पीड़ित न्यायालय कर्मचारी के अनुसार, हमलावर लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से लैस होकर घर में घुस आए। जब परिवार ने जान बचाने की कोशिश की, तो हमलावरों ने घर के अंदर घुसकर सुरेश सोनकर की पत्नी, पुत्र और पुत्रियों पर जानलेवा हमला किया। आरोप है कि अंकुश सोनकर ने पत्नी के गले से सोने की चेन छीन ली। प्रिंस सोनकर उर्फ बाबा और रवि सोनकर ने पीड़ित की पुत्री के साथ शारीरिक छेड़खानी की। सुजल सोनकर ने दूसरी पुत्री की चेन लूटी। भाजपा नेता मनोज सोनकर ने अलमारी में रखे 30 हजार रुपये नकद जबरन निकाल लिए।
जब स्थानीय पुलिस ने इस मामले में कोई ठोस कार्यवाही नहीं की, तो पीड़ित न्यायालय कर्मचारी ने अदालत की शरण ली। अदालत में पीड़ित की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, आकाश सोनकर और संदीप यादव ने मजबूती से पक्ष रखा। दलीलों को सुनने के बाद, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कैंट पुलिस को आदेश दिया कि भाजपा नेता मनोज सोनकर, उनकी पत्नी अन्नू सोनकर, पुत्र अंकुश और अन्य सहयोगियों समेत कुल 9 नामजद लोगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की जाए।
अदालत के आदेश के बाद अब मनोज कुमार सोनकर, अन्नू सोनकर, अंकुश सोनकर, कोमल सोनकर, शशिकांत साहनी उर्फ पिंपल, प्रिंस सोनकर, कुमकुम सोनकर, उमंग और अन्य आरोपियों पर कानूनी तलवार लटक गई है।




