मिर्जापुर में सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल ने जिलाध्यक्ष श्याम बहादुर पटेल पर हुए ‘फर्जी मुकदमों’ के खिलाफ कचहरी पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी प्रखर छवि के लिए जानी जाने वाली अपना दल (कमेरावादी) की शीर्ष नेता और सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल शनिवार को कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सड़कों पर उतरीं। मिर्जापुर जनपद में पार्टी के जिलाध्यक्ष श्याम बहादुर पटेल पर दर्ज किए गए मुकदमों को ‘फर्जी’ करार देते हुए डॉ. पल्लवी पटेल ने कार्यकर्ताओं के साथ जिला मुख्यालय कचहरी पर विशाल धरना प्रदर्शन किया और घंटों तक डीएम कार्यालय का घेराव किया।
पुलिस और सत्ता के गठजोड़ पर तीखा हमला – दोपहर लगभग 12:00 बजे समर्थकों के हुजूम के साथ कचहरी पहुंचीं डॉ. पल्लवी पटेल ने भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मिर्जापुर की पुलिस प्रशासन और सत्ताधारी नेता मिलकर निर्दोषों को फंसा रहे हैं।
डॉ. पल्लवी पटेल ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा:
“वर्तमान भाजपा सरकार में पुलिसिया जुल्म अपनी चरम सीमा पर है। मिर्जापुर पुलिस पूरी तरह से मंत्रियों की कठपुतली बन चुकी है। यहाँ सत्ता के संरक्षण में मादक द्रव्यों और गौ-तस्करी का खेल चल रहा है, और जब पोल खुलती है तो विपक्षी नेताओं को बलि का बकरा बनाया जाता है।”
मामले की जड़ में जिलाध्यक्ष व ग्राम प्रधान श्याम बहादुर पटेल पर हुई पुलिसिया कार्रवाई है। डॉ. पल्लवी पटेल का दावा है कि गौ-तस्करी के एक मामले में असली अपराधियों और विभागीय अधिकारियों को बचाने के लिए राजनीतिक षड्यंत्र रचा गया। बिना जांच के नाम बढ़ाना: विधायक का आरोप है कि FIR में नाम न होने और शुरुआती पूछताछ में जिक्र न होने के बावजूद, चार दिन बाद सत्ताधारी नेताओं के दबाव में विवेचना के दौरान श्याम बहादुर पटेल का नाम जोड़ दिया गया। जमानत के बाद दूसरा मुकदमा: डॉ. पल्लवी पटेल ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब एक मामले में न्यायालय ने संदेह के आधार पर जमानत दे दी, तो पुलिस ने तुरंत दूसरे थाने में एक और फर्जी मुकदमा लाद दिया ताकि उन्हें जेल से बाहर न आने दिया जाए।
5 घंटे तक चला हाई-वोल्टेज ड्रामा – समाचार लिखे जाने तक डॉ. पल्लवी पटेल का धरना अनवरत जारी रहा। प्रदर्शन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रशासन के कई आला अधिकारी वार्ता के लिए पहुंचे, लेकिन विधायक अपनी मांगों पर अडिग रहीं। दोपहर 2:00 बजे वार्ता के लिए आए सिटी मजिस्ट्रेट और क्षेत्राधिकारी (CO) को बिना बात किए वापस लौटा दिया गया। इसके बाद पहुंचे एडिशनल एसपी को भी बैरंग वापस जाना पड़ा। डॉ. पल्लवी पटेल और उनके समर्थकों ने स्पष्ट किया कि जब तक मुकदमों की उच्चस्तरीय जांच और वापसी का आश्वासन नहीं मिलता, घेराव जारी रहेगा।
जनता देगी सही समय पर जवाब – डॉ. पल्लवी पटेल ने चेतावनी दी कि इस तरह के कृत्यों से संगठन की छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता प्रशासन के इस पक्षपातपूर्ण रवैये को देख रही है और समय आने पर इसका करारा जवाब देगी।
मिर्जापुर में घंटों चले इस डॉ. पल्लवी पटेल के धरने ने स्थानीय सियासत में हलचल तेज कर दी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस बढ़ते दबाव के बाद क्या कदम उठाता है।





