वाराणसी: वाराणसी पुलिस ने एक ऐसे फर्जी सिपाही को गिरफ्तार किया है, जिसने अपनी महिला मित्र को खुश करने के लिए पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। यह जनाब पूरे 15 दिनों से फर्जी आईकार्ड और वर्दी में लोगों को चकमा दे रहे थे! रामनगर थाने की पुलिस को शक हुआ, तो पूछताछ में सारा सच सामने आ गया।
शनिवार रात रामनगर किले के पास से पकड़ा गया यह ‘फेक सिपाही’ चंदौली के सकलडीहा थाना क्षेत्र के भोजपुर का सिद्धार्थ सिंह निकला। एसीपी कोतवाली प्रज्ञा पाठक ने बताया कि शनिवार को पुलिस टीम किशोरी बालिका इंटर कॉलेज के पास गश्त कर रही थी। उसी दौरान वर्दी में घूमते इस शख्स पर शक हुआ। जब उससे कड़ाई से पूछा गया, तो उसने कबूल किया कि वह अपनी महिला मित्र को इंप्रेस करने के लिए वर्दी में तस्वीरें भेजता था। उसने यह वर्दी अर्दली बाजार से सिलवाई थी।
थानाध्यक्ष दुर्गा सिंह के मुताबिक, सिद्धार्थ ने अपनी माँ को भी यह बता रखा था कि वह पुलिस में सिपाही बन गया है और उसकी हाल ही में ट्रेनिंग खत्म हुई है। वह लंका के नासिरपुर सुसुवाही में किराये के मकान में रह रहा था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वह कॉलेज से मिलने वाली 10 हजार रुपये की स्कॉलरशिप को घर भेजकर उसे अपनी सैलरी बताता था।
डीसीपी क्राइम सरवणन टी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है और उसके परिजनों से भी पूछताछ की गई है। यह घटना दिखाती है कि कैसे लोग दूसरों को प्रभावित करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।





