बरेली: इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना उत्तर प्रदेश के बरेली से सामने आई है। यहाँ किला थाना क्षेत्र के मोहल्ला बारादरी में शुक्रवार रात भीड़ ने एक नेपाली युवती को चोर समझकर बेरहमी से पीटा और उसे खंभे से बांधे रखा। हैरानी की बात यह है कि यह युवती नोएडा से नौकरी की तलाश में बरेली आई थी और अपने एक परिचित के यहां रुकी थी।
आधी रात की कॉल और फिर छत से कूदना – नेपाल के पोखरा ज़िले की रहने वाली सुस्मीता सारु मगर उर्फ काजल ने बताया कि वह नोएडा में काम करती थी, लेकिन कुछ दिन पहले उसकी नौकरी छूट गई। नई नौकरी की तलाश में वह बरेली आ गई और शुक्रवार को अपने परिचित विनय के साथ उसके घर मोहल्ला बारादरी में रुकी।
काजल के मुताबिक, शुक्रवार देर रात करीब एक बजे उसके मोबाइल पर एक कॉल आई। वह बात करते हुए छत पर चली गई। तभी उसने देखा कि आस-पास की छतों पर मोहल्ले के लोग खड़े हैं। वे उसकी ओर टॉर्च जलाकर “चोर-चोर” चिल्लाते हुए दौड़े। भीड़ को अपनी ओर आता देख युवती बुरी तरह डर गई। उसने छत का दरवाज़ा खोलने की कोशिश की, लेकिन कुंडा फंसने से दरवाज़ा नहीं खुला। भीड़ से बचने के लिए उसने जान बचाने को छत से छलांग लगा दी!
बेरहम पिटाई, टूटे दांत और पुलिस की देरी – छत से नीचे गिरने के बाद भी मोहल्ले के लोगों ने उसे बख्शा नहीं। उन्होंने युवती को डंडों से पीटा, उसके हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए और उसे चोर बताकर मारते रहे। इस क्रूर पिटाई में उसके दो दांत टूट गए और पैर में भी गंभीर चोट आई। जब उसने किसी तरह अपने परिचित विनय का नाम बताया, तब जाकर उसे छोड़ा गया।
इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें भीड़ का शोर और युवती की लाचारी साफ सुनाई दे रही है। बताया जा रहा है कि ऐसे कई और वीडियो भी बने हैं, जिनमें युवा युवती को पीटते और सवाल पूछते दिख रहे हैं, वहीं उम्रदराज़ लोग सिर्फ़ तमाशा देख रहे हैं। वीडियो में युवती बार-बार हाथ जोड़कर कह रही है, “मैं चोर नहीं हूँ, प्लीज़ पहले पुलिस को बुला लो।” बाद में पुलिस ने आकर उसे भीड़ से छुड़ाया।
पुलिस पर भी सवाल, वीडियो वायरल होने के बाद हुई कार्रवाई – यह कोई पहली घटना नहीं है जब बरेली में भीड़ हिंसा का मामला सामने आया हो। हाल ही में भोजीपुरा क्षेत्र में भी 55 वर्षीय एक शख्स को लोगों ने चोर बताकर इतना पीटा था कि उसकी मौत हो गई थी। लगभग हर रात तीन से चार लोगों को भीड़ पीट रही है, और पुलिस पर भीड़ को रोकने या उस पर तुरंत कार्रवाई करने में संकोच करने के आरोप लग रहे हैं।
इस मामले में भी ऐसा ही हुआ। शुरुआत में पुलिस ने इसे हल्के में लिया, लेकिन शनिवार दोपहर जब घटना का वीडियो वायरल हुआ, तब जाकर किला पुलिस हरकत में आई। युवती की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर गौरव सक्सेना, शिवम सक्सेना, अमन सक्सेना और अरुण सैनी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी भी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।





