न्यायालय में जमानत अर्जी का विरोध वादी के अधिवक्ताओं, अनुज यादव, नरेश यादव, संदीप यादव और मुकेश सिंह ने किया
वाराणसी: धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) रवीन्द्र कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने आरोपी सूर्य नारायण यादव को कोई राहत नहीं दी है। 5.02 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के इस मामले में सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए यह फैसला सुनाया।
यह पूरा मामला तब सामने आया, जब सत्येन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने चेतगंज एसीपी को एक लिखित शिकायत दी। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि वह एक कंपनी ‘मेसर्स नीलाम्बर ट्रैक्सिम एंड क्रेडिट प्राइवेट लिमिटेड’ में मैनेजर हैं। इस कंपनी के निदेशक मंडल ने यस बैंक की रामकटोरा शाखा में मौजूद दो बैंक खातों को संचालित करने की जिम्मेदारी कवलधारी यादव को दी थी।
लेकिन आरोप है कि कवलधारी यादव ने अपनी पत्नी विद्या देवी, बेटों ब्रह्मदेव और सूर्य नारायण, आशीष तिवारी, मंदीप सिंह, हिमांशु शुक्ला, शादाब राजा, और यस बैंक के तत्कालीन प्रबंधक समेत अन्य लोगों के साथ मिलकर एक बड़ी साजिश रची। इन सभी ने मिलकर कंपनी के खातों से 5.02 करोड़ रुपये की बड़ी रकम धोखाधड़ी करके निकाल ली।
इस धोखाधड़ी का पता चलते ही सत्येन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया और कार्रवाई शुरू कर दी। इसी कड़ी में पुलिस ने आरोपी सूर्य नारायण यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
न्यायालय में आरोपी सूर्य नारायण की जमानत अर्जी का जोरदार विरोध वादी के अधिवक्ताओं, अनुज यादव, नरेश यादव, संदीप यादव और मुकेश सिंह ने किया। उनके तर्कों और मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायाधीश ने सूर्य नारायण को जमानत देने से इनकार कर दिया।
यह फैसला दिखाता है कि अदालत धोखाधड़ी और वित्तीय अपराधों के मामलों में सख्ती से पेश आ रही है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि गलत इरादों वाले लोगों को कानून से बचना आसान नहीं है।





