वाराणसी: साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए, वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल ने साइबर सेल और साइबर थाने की समीक्षा बैठक में जनता को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।

पुलिस आयुक्त ने कहा कि वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस अब एक विशेष अभियान चलाएगी, जिसका मुख्य उद्देश्य “सॉफ्ट टारगेट” यानी उन लोगों को जागरूक करना है, जिन्हें आसानी से निशाना बनाया जाता है। अब तक साइबर अपराधों से जुड़ी एफआईआर दर्ज कराने के लिए जो न्यूनतम राशि की सीमा थी, उसे भी खत्म कर दिया गया है। थाना प्रभारी अपने विवेक से किसी भी रकम के साइबर अपराध की एफआईआर दर्ज कर सकते हैं।

ये हैं पुलिस आयुक्त के प्रमुख निर्देश :

  • हर गुरुवार को जागरूकता अभियान: प्रत्येक गुरुवार को थाना स्तर पर, स्कूलों, गांवों और सार्वजनिक जगहों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
  • विशेष वर्गों पर ध्यान: इन अभियानों में विशेष रूप से प्रोफेसर, डॉक्टर, अध्यापक, पेंशनर्स, ग्रामीण और किसानों को आसान भाषा में और ऑडियो-विजुअल माध्यमों से साइबर सुरक्षा की जानकारी दी जाएगी।
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष चौपाल: 35 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों को साइबर सुरक्षा का प्रशिक्षण देने के लिए जन-चौपाल लगाई जाएंगी।
  • बैंकों में सतर्कता: अब बैंक से ज्यादा रकम निकालने वाले लोगों से एक विशेष फॉर्म भरवाया जाएगा, जिसमें उन्हें साइबर धोखाधड़ी से सावधान रहने की जानकारी दी जाएगी।
  • कॉल सेंटर आधारित धोखाधड़ी पर सख्ती: कॉल सेंटर के जरिए होने वाले साइबर अपराधों की गहराई से जांच की जाएगी और इसमें शामिल संगठित गैंग पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
  • फर्जी सिम कार्ड पर लगाम: साइबर अपराधों में इस्तेमाल होने वाले सिम कार्ड कहां से खरीदे गए, इसकी जानकारी जुटाई जाएगी और संबंधित लोगों पर कार्रवाई होगी।
  • साइबर कमांडो की ट्रेनिंग: वाराणसी से चुने गए दो पुलिसकर्मियों को साइबर कमांडो की विशेष ट्रेनिंग के लिए लखनऊ मुख्यालय भेजा जाएगा, जो भविष्य में ऐसे अभियानों में मदद करेंगे।
  • साइबर हेल्प डेस्क को सक्रिय करने का आदेश: हर थाने में स्थापित साइबर हेल्प डेस्क की हफ्ते में कम से कम एक बार मीटिंग होगी, ताकि लोगों को साइबर अपराध के प्रकार, बचाव के तरीके और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया बताई जा सके।

इस बैठक में पुलिस उपायुक्त अपराध सरवणन टी, अपर पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) नीतू, सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध) विदुष सक्सेना समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस की इस पहल से उम्मीद है कि वाराणसी में साइबर अपराधों पर लगाम लगेगी और आम जनता सुरक्षित महसूस करेगी।

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