बलरामपुर: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में इन दिनों तेंदुए के आतंक से लोग दहशत में हैं। जिले के तराई क्षेत्र में बसे दो गांवों- कौवा और किठूरा में तेंदुए के दिखने की लगातार खबरों ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है।
शाम ढलते ही बढ़ जाता है खतरा – शुक्रवार शाम करीब 7 बजे कौवा गांव के रहने वाले उदर नारायन अपने खेत से लौट रहे थे, तभी गन्ने के खेत में अचानक एक तेंदुआ उनकी आंखों के सामने आ गया। यह देखकर वह घबरा गए और जोर-जोर से चिल्लाने लगे। उनके शोर मचाने से पहले ही तेंदुआ पास की नदी की ओर भाग गया।
ग्रामीणों के मुताबिक, यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी इसी तेंदुए ने गांव में एक बछड़े और दो बकरियों को अपना शिकार बनाया है। कुछ दिनों पहले तो उसने एक महिला पर हमला कर उसे घायल भी कर दिया था। इन घटनाओं के बाद से गांव के लोग शाम ढलते ही घरों में दुबक जाते हैं।
बच्चों को अकेले बाहर भेजने से डर रहे माता-पिता – वहीं, पास के किठूरा गांव में भी तेंदुआ अक्सर दिखाई पड़ रहा है। इस डर से ग्रामीण रात में बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। माता-पिता अपने बच्चों को अकेले बाहर नहीं भेज रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि कहीं तेंदुआ उनके बच्चों को नुकसान न पहुंचा दे।
ग्रामीणों ने वन विभाग से बार-बार तेंदुए को पकड़ने की अपील की है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही इसे नहीं पकड़ा गया तो किसी बड़ी घटना का खतरा बना रहेगा।
वन विभाग ने भेजा दल – ग्रामीणों की शिकायत के बाद बरहवा रेंज के रेंजर बृजेश सिंह परमार ने बताया है कि दोनों गांवों में वन विभाग की एक टीम को भेजा जा रहा है। टीम स्थिति पर नजर रखेगी और ग्रामीणों को सुरक्षित रहने के लिए जरूरी सलाह भी देगी। हालांकि, ग्रामीण चाहते हैं कि सिर्फ निगरानी ही नहीं, बल्कि तेंदुए को जल्द से जल्द पकड़कर कहीं दूर जंगल में छोड़ा जाए।
इस घटना ने एक बार फिर इंसानों और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष को उजागर किया है, जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।




