लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। पिछले 24 घंटों में शहर के अलग-अलग इलाकों में तीन लोगों ने अपनी जान ले ली। इन मौतों की वजहें भले ही अलग-अलग हों, लेकिन तीनों ही मामलों में एक चीज समान है: डिप्रेशन।
प्रेम प्रसंग में जान गंवा बैठा विकास – पहली घटना सरोजनीनगर के दरोगा खेड़ा इलाके की है, जहां 21 साल के विकास गौतम ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। विकास का भाई सूरज बताता है कि विकास का एक लड़की से प्रेम प्रसंग चल रहा था, लेकिन लड़की के भाई ने उसे धमकाया और दूर रहने को कहा था। इस बात से विकास काफी परेशान और डिप्रेशन में था। गुरुवार रात को शराब पीकर घर आया और अगली सुबह जब मां मंजू कमरे में गईं, तो उन्होंने विकास को धोती के फंदे से लटका हुआ पाया।
बेरोजगारी ने ली रोहित की जान – गोमतीनगर के विराम खंड में रहने वाले रोहित चौधरी (34) की मौत की वजह ने सबको झकझोर दिया। रोहित के पिता बृजमोहन चौधरी के मुताबिक, उनका बेटा पिछले कुछ समय से बेरोजगारी की वजह से बहुत परेशान था। नौकरी न मिलने के कारण वह गहरे डिप्रेशन में चला गया था। सोमवार सुबह जब परिवार वालों ने उसे जगाने की कोशिश की, तो रोहित अपने कमरे में पंखे से चादर के सहारे लटका हुआ मिला।
नैंसी वर्मा की मौत भी रहस्यमयी – तीसरा मामला तालकटोरा के सोनापुरम का है, जहां नैंसी वर्मा (24) ने शुक्रवार दोपहर घर में फांसी लगा ली। अभी तक नैंसी की आत्महत्या की वजह साफ नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और परिवार वालों से पूछताछ जारी है।
इन तीनों घटनाओं ने एक बार फिर समाज में बढ़ती मानसिक समस्याओं और डिप्रेशन की गंभीरता को उजागर कर दिया है। यह सिर्फ एक खबर नहीं है, बल्कि एक चेतावनी है कि हमें अपने आसपास के लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है।




