वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, संदीप यादव, और मुकेश सिंह ने बचाव पक्ष का पक्ष रखा
वाराणसी: कैंट स्टेशन पर एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सबको चौंका दिया। अचार के डिब्बों में छिपाकर शराब की तस्करी की जा रही थी। इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी को अब कोर्ट से जमानत मिल गई है।
यह घटना 4 सितंबर 2025 की है। जीआरपी (सरकारी रेलवे पुलिस) को पार्सल स्कैनर मशीन पर कुछ गड़बड़ी दिखी। एक व्यक्ति, कृष्ण कुमार गुप्ता, ने 16 पार्सल बुक कराए थे, जो वाराणसी से पटना जाने थे। स्कैनिंग के दौरान ऑपरेटर को पार्सल के अंदर कुछ बोतलें दिखीं। शक होने पर पार्सल को दोबारा चेक किया गया, तो चौंकाने वाला सच सामने आया।
लाखों की शराब बरामद – जब पार्सल खोले गए, तो हर डिब्बे में अचार के टीन के कंटेनर के अंदर लाखों रुपए की हरियाणा की अंग्रेजी शराब मिली। कुल 288 बोतलें बरामद हुईं। यह पार्सल शत्रुघ्न राय नाम के व्यक्ति के लिए बिहार भेजा जा रहा था। बिहार में शराबबंदी है और चुनाव भी करीब थे, इसलिए इतनी बड़ी मात्रा में शराब की तस्करी का यह मामला सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया।
जीआरपी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पार्सल बुक कराने आए कृष्ण कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
कोर्ट से मिली राहत – इस मामले में, आरोपी कृष्ण कुमार गुप्ता की ओर से उनके वकीलों ने कोर्ट में जोरदार पैरवी की। वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, संदीप यादव, और मुकेश सिंह ने बचाव पक्ष का पक्ष रखा।
अपर जिला जज (पंचम) यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए, आरोपी को जमानत दे दी। कोर्ट ने आदेश दिया कि कृष्ण कुमार गुप्ता को एक-एक लाख रुपए की दो जमानतें और एक बंधपत्र जमा करने पर रिहा किया जाए।





