राजातालाब तहसील में भी दिखा आक्रोश
varanasi news: न्याय की लड़ाई सिर्फ कोर्टरूम तक सीमित नहीं होती, ये बात एक बार फिर वाराणसी में देखने को मिली। शुक्रवार को शहर की कचहरी में वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा। अधिवक्ता समाज ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका आक्रोश इस बात को लेकर था कि भेलूपुर में एक अधिवक्ता के साथ हुई मारपीट के मामले में अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
यह मामला तब शुरू हुआ जब भेलूपुर के रथयात्रा चौराहे पर अधिवक्ता शिव प्रताप सिंह पर एक पुलिस इंस्पेक्टर और उनके साथियों ने कथित तौर पर हमला कर दिया। वकीलों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने न केवल उनके साथ मारपीट की, बल्कि उन्हें अपमानित करने के लिए अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया। इस घटना ने पूरे अधिवक्ता समाज को झकझोर कर रख दिया है।
प्रदर्शन कर रहे वकीलों ने बनारस बार एसोसिएशन को एक ज्ञापन भी सौंपा। इस ज्ञापन में उन्होंने साफ-साफ कहा कि यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि पूरे अधिवक्ता समाज का अपमान है और हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि वकीलों का आरोप है कि पुलिस उलटा उन पर ही दबाव बना रही है और झूठे मुकदमे दर्ज करने की कोशिश कर रही है।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपना आंदोलन और भी तेज करेंगे। उनका कहना है कि वे न्याय की इस लड़ाई को सड़क से लेकर कोर्ट तक लड़ेंगे।
इस प्रदर्शन में बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री विनोद कुमार शुक्ला, विकास सिंह, सुनील मिश्रा, अभिषेक चौबे मोनू, अनूप पाण्डेय, अमनदीप सिंह और सय्यद असद जैसे कई प्रमुख अधिवक्ता शामिल रहे।
राजातालाब तहसील में भी दिखा आक्रोश – वाराणसी कचहरी की घटना का असर सिर्फ शहर तक ही सीमित नहीं रहा। राजातालाब तहसील के अधिवक्ताओं ने भी पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मनगढ़ंत कहानियों के आधार पर वकीलों को परेशान कर रही है। अधिवक्ताओं ने इस दौरान एक एडीसीपी द्वारा इस्तेमाल की गई अमर्यादित भाषा की भी कड़ी निंदा की।

विरोध के तौर पर राजातालाब के वकील शुक्रवार को पूरे दिन न्यायिक कार्यों से दूर रहे। इस दौरान तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रशेखर उपाध्याय, सर्वजीत भारद्वाज, सुनील सिंह, छेदी यादव, प्रदीप सिंह, तोयज सिंह, गौरव उपाध्याय, नीरज पांडेय, राजेश सिंह और भुआल सिंह समेत कई अधिवक्ता मौजूद रहे।
अधिवक्ताओं और पुलिस के बीच यह तनाव एक गंभीर मुद्दा है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले पर क्या कदम उठाता है और क्या जल्द ही कोई समाधान निकल पाएगा।





