आगरा: रिश्तों की डोर जब विश्वास की बजाय स्वार्थ और धोखे से बंध जाए, तो अंजाम कितना भयानक हो सकता है, इसका एक और दुखद उदाहरण आगरा में सामने आया है। यहां एक महिला ने, जो पहले ही अपने पति की हत्या के आरोप में जेल काट चुकी है, इस बार अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही ससुर को मौत के घाट उतार दिया। यह घटना न केवल चौंकाने वाली है, बल्कि रिश्तों के खोखलेपन और समाज में पनप रही क्रूरता को भी उजागर करती है।

एक फोन कॉल और खत्म हुआ जीवन – मामला आगरा के बमरौली कटारा क्षेत्र का है। 70 वर्षीय राजवीर सिंह, अपने परिवार के साथ एत्मादपुर के अगवार गांव में रहते थे। बुधवार दोपहर, उन्हें अपनी बहू बबली का फोन आया। बबली ने कहा कि वह उनसे बात करना चाहती है ताकि परिवार में चल रहे विवाद को सुलझाया जा सके। राजवीर सिंह, शायद इस उम्मीद में कि सब कुछ ठीक हो जाएगा, खाना खाकर घर से निकल गए। लेकिन उन्हें क्या पता था कि जिस बहू को वह अपनी पोतियों के भविष्य के लिए समझाने जा रहे थे, वही उनकी मौत का कारण बनेगी।

राजवीर सिंह के घर से निकलने के बाद वह लौटकर नहीं आए। परिवार ने उनकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। अगले दिन सुबह, गांव के पास ही बाजरे के खेत में एक व्यक्ति का शव मिला। पुलिस ने जब जांच की, तो मृतक की पहचान राजवीर सिंह के रूप में हुई।

प्रेम, प्रतिशोध और पुराना अपराध – पुलिस ने कुछ ही घंटों में इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा कर दिया। जांच में सामने आया कि राजवीर सिंह की हत्या उनकी बहू बबली और उसके प्रेमी प्रेम सिंह ने मिलकर की थी। दोनों ने राजवीर सिंह को एक बहाने से बुलाया और गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी।

डीसीपी पूर्वी जोन अली अब्बास ने बताया कि बबली और प्रेम सिंह ने इस वारदात को अंजाम दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि बबली 6 साल पहले अपने पति हरिओम की हत्या के आरोप में भी जेल जा चुकी है। उस वक्त भी उसके प्रेम संबंध की बात सामने आई थी। बबली 5 साल 4 महीने जेल में रही और 11 महीने पहले ही जमानत पर बाहर आई थी।

जेल में रहने के दौरान बबली की दोस्ती फिरोजाबाद की एक महिला से हुई। उसी महिला के जरिए वह महल बादशाही गांव के निवासी प्रेम सिंह के संपर्क में आई, जो खुद एक पुराना अपराधी है। प्रेम सिंह दुष्कर्म और हत्या जैसे मामलों में जेल जा चुका है। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं, और प्रेम सिंह ने बबली को जमानत दिलाने में मदद की।

पोतियों का भविष्य बनाम बहू का स्वार्थ – राजवीर सिंह अपनी दो पोतियों, जिनकी उम्र 16 और 17 साल है, के भविष्य को लेकर चिंतित थे। बबली जेल से आने के बाद अपनी बेटियों को लेकर दिगनेर में किराए के मकान में रहने लगी थी। राजवीर सिंह चाहते थे कि उनकी पोतियां घर लौट आएं ताकि उनका लालन-पालन ठीक से हो सके।

हालांकि, पुलिस के अनुसार, बबली अपने पति की हत्या के बाद अपने 8 साल के बेटे की आत्महत्या के लिए ससुराल वालों को जिम्मेदार मानती थी। वह मन ही मन उनसे रंजिश रखती थी। शायद यही वजह थी कि वह अपने ससुर राजवीर सिंह को रास्ते से हटाना चाहती थी।

इस मामले में पुलिस ने आरोपी बबली और उसके प्रेमी प्रेम सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना हमें एक बार फिर सोचने पर मजबूर करती है कि रिश्तों की पवित्रता और विश्वास कैसे स्वार्थ और लालच के आगे दम तोड़ देते हैं।

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