वाराणसी की अदालत में पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर की जमानत अर्जी पर सुनवाई टल गई है। हिंदू युवा वाहिनी नेता द्वारा दर्ज कराए गए मामले में अब 9 जनवरी को होगी सुनवाई। जानें क्या है पूरा मामला।
वाराणसी। काशी की एक अदालत में चर्चित चौक थाना मामले को लेकर सरगर्मी तेज है। सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो पोस्ट करने के आरोप में फंसे आजाद सेना के अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की जमानत अर्जी पर सुनवाई टली गई है। जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत ने अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 जनवरी की तिथि निर्धारित की है। जिला जज की अदालत में जब जमानत याचिका पर बहस शुरू हुई, तो वादी (शिकायतकर्ता) के अधिवक्ता विजय प्रताप सिंह ने कोर्ट में अपना वकालतनामा पेश किया। उन्होंने मामले में अपना पक्ष और जवाब दाखिल करने के लिए अदालत से एक सप्ताह का समय मांगा।
हालांकि, अमिताभ ठाकुर की जमानत अर्जी पर सुनवाई टली जाने के इस अनुरोध का उनके अधिवक्ता अनुज यादव ने कड़ा विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि समय बढ़ाना न्यायोचित नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने वादी पक्ष को केवल एक दिन का अतिरिक्त समय देते हुए सुनवाई को 9 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दिया। यह पूरा विवाद सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है। बड़ी पियरी के निवासी और हिंदू युवा वाहिनी के नेता अम्बरीष सिंह भोला ने बीते 9 दिसंबर को चौक थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप: अम्बरीष सिंह का आरोप है कि 30 नवंबर को अमिताभ ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया था। भ्रामक जानकारी: आरोप के अनुसार, वीडियो में अम्बरीष सिंह पर आपराधिक मामलों में शामिल होने के झूठे आरोप लगाए गए थे। कफ सिरप मामला: बिना किसी सबूत के बहुचर्चित कफ सिरप मामले में उनकी संलिप्तता बताकर गलत खबरें फैलाई गईं, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची।
इसी मामले में अमिताभ ठाकुर की जमानत अर्जी पर सुनवाई टली है, जिसमें पुलिस ने अमिताभ ठाकुर के साथ उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर और एक अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। बता दें कि अमिताभ ठाकुर वर्तमान में अन्य मामलों में देवरिया जेल में बंद थे। इस विशिष्ट मामले में न्यायिक रिमांड की प्रक्रिया पूरी करने के लिए उन्हें पिछले दिनों वाराणसी की सेंट्रल जेल लाया गया था। कोर्ट में पेशी और रिमांड की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, पुलिस उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच दोबारा देवरिया जेल ले गई थी। अब सबकी निगाहें 9 जनवरी पर टिकी हैं, क्योंकि अमिताभ ठाकुर की जमानत अर्जी पर सुनवाई टली जाने के बाद उस दिन कोर्ट क्या रुख अपनाता है, यह देखना दिलचस्प होगा।







