वाराणसी: शहर में चल रहे अनैतिक देह व्यापार के एक मामले में फंसे दो अभियुक्तों, टिंकू शर्मा और शेख साकिर हुसैन, को बड़ी राहत मिली है। वाराणसी की अदालत ने दोनों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है, जिसके बाद उनके चेहरे पर मुस्कान लौट आई है। इस मामले में कोर्ट में उनका पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता स्वतंत्र जायसवाल ने जोरदार तरीके से रखा।
यह मामला भेलूपुर थाने में दर्ज मु.अ.सं.- 317/2025 से जुड़ा है। अभियुक्तों पर अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम की अलग-अलग धाराओं (3, 4, 5, 6, 7) के तहत मुकदमा चल रहा था। न्यायिक मजिस्ट्रेट, कोर्ट सं. 2, प्रियंले शर्मा की अदालत में सुनवाई हुई।
अदालत में क्या हुआ? – अभियुक्तों के वकील ने अदालत के सामने दलील दी कि उनके मुवक्किल 20 अगस्त, 2025 से जेल में बंद हैं और उनका कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि इस केस में कोई भी पीड़िता नाबालिग नहीं है, जो कि एक महत्वपूर्ण पहलू था।
दूसरी ओर, अभियोजन पक्ष के अधिकारी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि यह अपराध गैर-जमानती है। लेकिन, अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और मामले से जुड़ी सभी फाइलों को ध्यान से देखा।
न्यायालय का फैसला – अदालत ने पाया कि यह अपराध अधिकतम सात साल की सज़ा के लायक है और अभियुक्तों का कोई अन्य आपराधिक इतिहास नहीं है। सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद, अदालत ने माना कि दोनों को जमानत दी जा सकती है।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि टिंकू शर्मा और शेख साकिर हुसैन को 25,000/- रुपये का एक व्यक्तिगत बॉन्ड और इतनी ही राशि के दो जमानती पेश करने पर रिहा कर दिया जाए। यह फैसला अभियुक्तों और उनके परिवार के लिए राहत की खबर लेकर आया है।




