वाराणसी: काशी की सड़कों पर सुरक्षा और कानून व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट इन दिनों बेहद सख्त है। ताज़ा मामले में बिना पंजीकरण के वाहन को शोरूम से निकालने पर शोरूम मालिक के विरुद्ध कार्रवाई करने हेतु पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘बिना नंबर प्लेट वाहन चेकिंग अभियान’ के दौरान एक ऐसी बाइक पकड़ी गई, जिसे बिना रजिस्ट्रेशन के ही शोरूम से बाहर निकाल दिया गया था।

वाराणसी पुलिस आयुक्त द्वारा शहर में बिना नंबर के वाहनों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कैंट थाना क्षेत्र के राजा बाज़ार नदेसर क्षेत्र में चेकिंग के दौरान थाना प्रभारी कैंट शिवाकांत मिश्रा के द्वारा एक होंडा SP125 बाइक को रोका गया। जब पुलिस ने वाहन चालक से गाड़ी के प्रपत्र (Documents) मांगे, तो वह कोई भी कागजात नहीं दिखा सका।

जांच में पता चला कि यह वाहन नरेन्द्र होंडा सेन्टर, हरहुआ से खरीदा गया था। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि वाहन का अभी तक रजिस्ट्रेशन ही नहीं हुआ था। बिना पंजीकरण के वाहन को शोरूम से निकालने पर शोरूम मालिक के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने तुरंत कदम उठाए हैं।

आपको बता दें कि माननीय न्यायालय का स्पष्ट आदेश है कि किसी भी वाहन को बिना स्थाई पंजीकरण (Permanent Registration) के शोरूम से बाहर न निकाला जाए। इसके बावजूद, नरेन्द्र होंडा शोरूम हरुआ के मालिक द्वारा इन आदेशों की खुलेआम अवहेलना की गई और वाहन स्वामी को बिना नंबर की गाड़ी उपलब्ध करा दी गई।

इसी गंभीर लापरवाही को देखते हुए, बिना पंजीकरण के वाहन को शोरूम से निकालने पर शोरूम मालिक के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए संभागीय परिवहन अधिकारी (RTO) जनपद वाराणसी को पत्राचार किया गया है।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त होंडा SP125 बाइक को मौके पर ही सीज कर दिया है। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि शोरूम मालिकों की यह जिम्मेदारी है कि वे नियमों का पालन करें। कार्रवाई: वाहन को किया गया सीज। पत्राचार: आरटीओ वाराणसी को एजेंसी का लाइसेंस रद्द करने या जुर्माना लगाने हेतु पत्र भेजा गया। चेतावनी: बिना पंजीकरण के वाहन को शोरूम से निकालने पर शोरूम मालिक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी, यदि भविष्य में भी ऐसी लापरवाही मिली।

निष्कर्ष: वाराणसी पुलिस का यह कदम उन शोरूम मालिकों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो मुनाफे के चक्कर में सुरक्षा नियमों और कोर्ट के आदेशों को ताक पर रख देते हैं। बिना नंबर के वाहन न केवल अवैध हैं, बल्कि अपराध को बढ़ावा देने में भी सहायक होते हैं।

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