Budget Session 2026: भारत के संसदीय इतिहास में वर्ष 2026 का बजट सत्र बेहद खास होने वाला है। भारत सरकार की सिफारिश पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वर्ष 2026 के बजट सत्र के लिए संसद के दोनों सदनों को बुलाने की मंजूरी दे दी है। राष्ट्रपति की इस औपचारिक मुहर के साथ ही देश के आगामी वित्तीय वर्ष का रोडमैप तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह सत्र न केवल आर्थिक दृष्टि से बल्कि विधायी कार्यों के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आइए जानते हैं इस बार के बजट सत्र की तारीखें, चरण और बजट पेश होने की संभावित टाइमिंग के बारे में।

संसदीय कार्यप्रणाली को सुव्यवस्थित रखने और हर मुद्दे पर गहराई से चर्चा सुनिश्चित करने के लिए, भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा मंजूर किए गए कार्यक्रम के अनुसार इस सत्र को दो चरणों में विभाजित किया गया है : सत्र की शुरुआत: 28 जनवरी 2026, पहला चरण: 28 जनवरी से 13 फरवरी 2026 तक, संसदीय अवकाश: 14 फरवरी से 8 मार्च 2026 तक (समितियों द्वारा अनुदान मांगों की समीक्षा के लिए), दूसरा चरण: 9 मार्च 2026 से 2 अप्रैल 2026 तक, सत्र का समापन: 2 अप्रैल 2026 इस कार्यक्रम के अनुसार, संसद 9 मार्च 2026 को फिर से एकत्रित होगी, जो सार्थक बहस और जन-केंद्रित शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

आमतौर पर देश की वित्त मंत्री 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश करती हैं। लेकिन इस बार 1 फरवरी 2026 को रविवार पड़ रहा है, जिससे आम जनता और विशेषज्ञों के बीच अटकलें लग रही थीं कि बजट कब पेश होगा। हालांकि, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वर्ष 2026 के संसदीय बजट सत्र के कार्यक्रम को जिस तरह से मंजूरी दी है, उससे यह लगभग तय माना जा रहा है कि सरकार परंपरा को बरकरार रखते हुए 1 फरवरी को ही बजट पेश कर सकती है, या फिर इसके आसपास की किसी तारीख की आधिकारिक घोषणा जल्द की जाएगी। बजट सत्र का 28 जनवरी से शुरू होना इस बात का संकेत है कि शुरुआती दिनों में राष्ट्रपति का अभिभाषण और आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) पेश किया जाएगा।

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह स्पष्ट है कि सरकार “सार्थक बहस और जन-केंद्रित शासन” पर जोर दे रही है। दो चरणों के बीच मिलने वाले अवकाश के दौरान विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों का बारीकी से अध्ययन किया जाता है। पहले चरण (28 जनवरी – 13 फरवरी) में मुख्य ध्यान राष्ट्रपति के अभिभाषण और बजट पेश करने पर होता है। दूसरे चरण (9 मार्च – 2 अप्रैल) में बजट प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की जाती है और उन्हें विधिवत पारित करने की प्रक्रिया पूरी की जाती है। भारत सरकार की सिफारिश पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा तय किया गया यह कार्यक्रम देश की आर्थिक नीतियों के लिए एक ठोस मंच तैयार करेगा। 28 जनवरी से शुरू होने वाला यह सफर 2 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें देश के विकास और आम आदमी की जेब से जुड़े बड़े फैसले लिए जाएंगे।

संसद के इस महत्वपूर्ण सत्र से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट के लिए bmbreakingnews.com के साथ बने रहें।

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *