वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के बिड़ला हॉस्टल में दो युवकों को बंधक बनाकर मारपीट और लूट का मामला सामने आया है। मामले में लंका थाने की पुलिस अपहरण, जानलेवा हमला और लूट का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी है। वहीं इस कारवाई से नाराज छात्रों ने हॉस्टल से निकलकर सड़क पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों का आरोप है कि पुलिस द्वारा यह कार्रवाई पूरी तरह से गलत की गई है। धरने पर बैठे छात्रों ने कहा कि सिर्फ एक पक्ष की तरफ से ही तहरी लिखी गई है।
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि एलबीएस के वार्डन द्वारा हमारे ऊपर फर्जी मुकदमा करवाया गया है। उसी के विरोध में धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। मौके पर प्राक्टोरियल बोर्ड की टीम पहुंची छात्रों को समझाने बुझाने का प्रयास किया गया जिसके बाद लंका थानाध्यक्ष द्वारा उचित कार्रवाई करने का आश्वसन दिया गया छात्रों ने अपना धरना समाप्त किया।
अब जानिए पूरा मामला – खोजवा निवासी कौशिक गुप्ता ने लंका पुलिस को बताया कि वह अपने मित्र मिर्जापुर जिले के चुनार निवासी आर्यन सिंह के साथ गुरुवार को बीएचयू स्थित विश्वनाथ मंदिर जा रहा था। एलबीएस छात्रावास के समीप कुछ लड़कों को देखकर हम दोनों रुक गए। वहां मौजूद लड़के आवाज देकर दोनों को जाने के लिए इशारा करने लगे। इस बीच दूसरी तरफ से दीपक सिंह, अंश गोस्वामी, प्रियांशु प्रियम, आशीर्वाद वर्मा, आदि श्रीवास्तव, शुभम सिंह तथा कुछ अन्य लड़के आए और दोनों पर जानलेवा हमला कर दिया।
दोनों की पिटाई करने के दौरान ईंट पत्थर से मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बाद दोनों को पकड़कर बिड़ला हॉस्टल के कमरा नंबर-119 में 2 घंटे तक बंधक बना कर रखा था। छात्रावास के भीतर शशांक सिंह, सर्व श्रीवास्तव, विशाल यादव आदि ने मिलकर पीटा। आर्यन की 5800 रुपये की घड़ी, 2400 रुपये नगद छीन ले गए। हमले में आर्यन के सिर में गंभीर रूप से चोट आई है। कौशिक गुप्ता की एक अंगुली टूट गई।





